हाथरस के गांव मितनपुर निवासी भीषण सिंह ने डीएम को लिखे शिकायती पत्र में कहा है कि कुछ दबंग लोगों ने चकरोड पर कब्जा कर लिया है। उसने अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो पहले कब्जा हटा दिया गया, लेकिन बाद में दोबारा कब्जा हो गया है। राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल ने दूसरी बार में झूठी निस्तारण रिपोर्ट भेज दी।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि उसके फेफड़े 95 प्रतिशत खराब हैं। उसे चलने-फिरने में परेशानी होती है। रोज ऑक्सीजन लेनी पड़ती है। जब उसने आमरण अनशन के लिए कहा, तब कहीं जाकर उस चकरोड से कब्जा हटाया गया। इसके थोड़े दिनों बाद उस रास्ते में लगे खंभों को कुछ लोगों ने उखाड़ दिया और फिर से कब्जा कर लिया। उसने इसकी पुन: शिकायत की तो राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को कब्जा मुक्त कराने की झूठी रिपोर्ट भेज दी। 15 अक्तूबर काे उसने एसडीएम के सामने प्रस्तुत होकर प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उसने कहा है कि यदि दस दिन के अंदर में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आमरण अनशन पर बैठेगा। अनशन करते समय यदि उसकी मौत होती है तो उसकी मौत की जिम्मेदारी एसडीएम, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की होगी। प्रशासन इसका जिम्मेदार होगा।