खासे इंतजार के बाद सपा नेतृत्व ने जिले में नए जिलाध्यक्ष की ताजपोशी कर दी। सपा मुखिया मुलायम सिंह के आदेश पर प्रदेशाध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रत्याशी रहीं ओमवती यादव को जिले में पार्टी की कमान सौंपी है। माना जा रहा है कि नेतृत्व ने ओमवती को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बसपा को कड़ी टक्कर देने का ईनाम दिया है। वहीं रोजाना लखनऊ की दौड़ लगा रहे दूसरे दावेदारों के अरमान धरे रह गए।नेतृत्व का मानना है कि पार्टी के समर्थन पर सिर्फ पांच सदस्यों के जीतने के बावजूद जिस तरह ओमवती ने जिले में बसपा के दिग्गज पूर्वमंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय को कड़ी चुनौती पेश की, वह कोई साधारण बात नहीं है। इस चुनाव से ओमवती का कद पार्टी नेतृत्व की नजर में बढ़ गया था। चुनाव के बाद से ही अध्यक्ष पद के लिए उनकी ताजपोशी की अटकलें पार्टी हलकों में लग रही थीं। जिस तरह अध्यक्ष के चुनाव में ओमवती ही जिले में बिखरे पार्टी दिग्गजों को एक मंच पर लाने में कामयाब रहीं, उससे नेतृत्व को लगने लगा कि उनके नेतृत्व में जिले में संगठन की गुटबंदी से निपटा जा सकता है। वैसे भी विधानसभा चुनाव के लिहाज से जिले में किसी यादव नेता को पार्टी की कमान मिलने की चर्चाएं पहले से ही चल रही थीं। लेकिन जिन यादव नेताओं के नाम नेतृत्व के सामने थे, उनके नाम पर जिले के दिग्गज नेताओं में सहमति नहीं बन पा रही थी। यही वजह है कि नेतृत्व ने ओमवती के नेतृत्व में बीच का विकल्प चुना। सूत्र बताते हैं कि जिले के सभी दिग्गज नेताओं से ओमवती के रिश्ते औरों के मुकाबले बेहतर हैं।