सिकंदराराऊ में रोडबेज बस से उतरकर डग्गेमार वाहन की तलाश में जाते यात्री। संवाद
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कर रहित बजट पेश करने के बाद रोडवेज में अलीगढ़ का 25 फीसदी किराया बढ़ाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अलीगढ़ का गांधी पार्क बस अड्डा बंद होने से यात्रियों को दोहरा नुकसान हुआ है। एक तो अलीगढ़ पहुंचने की समयावधि बढ़ गई है और दूसरी तरफ किराये में भी एक साथ 16 रुपये की वृद्धि से आर्थिक बोझ भी बढ़ा है। यात्री समय व धन की बचत के लिए डग्गेमार वाहनों में सफर करने के लिए मजबूर हो गए हैं।
बता दें कि अभी तक रोडवेज में सिकंदराराऊ से अलीगढ़ का किराया 59 रुपया था। अलीगढ़ में गांधी पार्क बस स्टैंड बंद हाेने की घोषणा के बाद अनुमान था कि किलोमीटर बढ़ने से किराये में पांच से सात रुपये की वृद्धि हो जाएगी, लेकिन शुक्रवार को जब लोगाें ने यात्रा शुरू की तो उन्हें परिचालक ने उन्हें 59 की जगह 75 रुपये का टिकट दिया।
मतलब, एक साथ 16 रुपये की वृद्धि। इससे भी बड़ी मुसीबत यह थी कि जिन्हें धनीपुर बाईपास पर उतरना था, उनसे भी पूरा किराया वसूला गया। एक साथ इतनी वृद्धि से यात्रियों में नाराजगी है। उससे भी ज्यादा दिक्कत यह है कि अलीगढ़ शहर के अंदर जाने के लिए धनीपुर मंडी पर उतरना पड़ेगा। वहां से 20 रुपये गांधी पार्क तक पहुंचने के लिए रिक्शा भाड़ा अलग देना होगा। समय की बर्बादी अलग होगी।
शुक्रवार को पंत चौराहे पर यात्रियों से बात की गई तो उनका कहना था कि इतना ज्यादा किराया देने के बावजूद अलीगढ़ शहर में न पहुंच पाना मुश्किल भरा है। इससे बेहतर है कि वह डग्गेमार वाहन या ट्रकों में बैठकर अलीगढ़ के अंदर तक पहुंच जाएं। प्रतिदिन अलीगढ़ जाने वाले डॉ. सीपी सिंह ने बताया अब किराया बढ़ गया है, लेकिन ज्यादा किमी चली बस मसूदाबाद बस स्टैंड उतारेगी। इसके बाद शहर तक आने में 20 रुपया रिक्शा भाड़े का खर्च करना पड़ेगा। जो छात्र-छात्राएं एमएसटी लेकर यात्रा करते हैं, उन पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।