जन आरोग्य मेलों के आयोजन के नाम पर जिले में लकीर पीटी जा रही है। इन मेलों में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक पहुंच रहे हैं और न हीं मरीजों की जरूरी जांचें हो पा रही हैं। यहां आने वाले मरीजों को विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्वास्थ्य मेलों का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है।
प्रदेश में मरीजों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए जन आरोग्य मेले की शुरुआत की गई थी। मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को एक ही स्थान पर ट्रिपल डी यानी डॉक्टर, ड्रग व डायग्नोसिस (चिकित्सक, दवा व जांच ) की सुविधा मुफ्त देना है, लेकिन जिले में लगने वाले मेलों में न विशेषज्ञ चिकित्सक पहुंचते हैं और न हीं जरूरी जांच की सुविधा मरीजों को मिल पाती है। ऐसे में इन मेलों के आयोजन का उद्देश्य अधूरा ही कहा जाएगा।
केस 1
प्रयोगशाला का दरवाजा बंद, वार्ड बॉय अनुपस्थित
सीएमओ कार्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं थे। गर्भवती महिलाओें को वहां तैनात फिजीशियन डाॅ. स्वाति ने परामर्श दिया। चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद महिला मरीज जांच के लिए पहुंची। जांच कक्ष का दरवाजा बंद था। दवा वितरण कक्ष खुला था, लेकिन वहां भी कोई मौजूद नहीं था। मजबूरन महिला केंद्र पर इंतजार करती हुई दिखाई दीं।
केस 2
नहीं मिले चिकित्सक
सहपऊ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर में रविवार को स्वास्थ्य मेला लगाया गया। मेला में चिकित्सक उपस्थित नहीं थे। चिकित्सक की अनुपस्थिति में एएनएम मरीजों को दवाएं लिख रही थीं। केंद्र में प्रयोगशाला में काई तकनीकी सहायक नहीं है। इससे जांच नहीं हो पा रही थी।
गर्भवती हूं। उपचार के लिए स्वास्थ्य मेले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आई हूं। चिकित्सक ने दवा व जांचें लिखी हैं। प्रयोगशाला का दरवाजा बंद है। दवा वितरण कक्ष पर भी कोई मौजूद नहीं है। इंतजार कर रही हूं।
-रूकसार, गर्भवती महिला
बच्चे की तबीयत खराब है। उपचार के लिए सहपऊ के राजनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई हूं। प्रयोगशाला में तकनीकी सहायक की तैनाती नहीं है, इसलिए निजी प्रयोगशाला में जांच करानी पड़ रही है।
-सुधा, तीमारदार
फार्मासिस्ट व प्रयोगशाला तकनीशियन का वेतन रोका
हाथरस। प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. नरेश गोयल ने रविवार को पीएचसी मधुगढ़ी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। इस दौरान फार्मासिस्ट पवन व लैब तकनीशियन संतोष वहां नहीं मिले। दोनों उपस्थित पंजिका में उपस्थिति लगाकर चले गए। सूचना पर जब वह वापस आए तो उन्होंने बताया कि दोनों पीएचसी रानी का नगला गए थे। आरोग्य मेला छोड़कर जाने पर प्रभारी सीएमओ ने दोनों का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए। इसके बाद प्रभारी सीएमओ ने पीएचसी रानी के नगला का निरीक्षण किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुगढ़ी में स्वास्थ्य मेले में अनुपस्थित मिलने पर लैब टेक्नीशियन व वार्डबाॉय का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की काफी कर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं पहुंच पाते हैं।
- डॉ. नरेश गोयल, प्रभारी सीएमओ हाथरस।