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Hathras News: सड़क नहीं तो वोट नहीं, शिक्षा भी नहीं, ग्रामीणों ने लगाए बैनर, स्कूलों में जड़े ताले

Fri, 09 Feb 2024 03:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

गांव बिलखौरा कलां व खुर्द का संपर्क मार्ग पिछले 15 सालों से जर्जर है। ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराते हुए स्कूलों में ताले जड़ दिये और बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। ग्रामीणों ने बैनर पर विद्यालय व चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं और शिक्षा नहीं के भी नारे लगाए हैं।
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बिलखौरा खुर्द में प्राथमिक विद्यालय के गेट के बाहर धरना देकर बैठे ग्रामीण - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बिलखौरा खुर्द व कलां के संपर्क मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 8 फरवरी को ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिलखौरा कलां एवं प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा कलां के स्कूलों पर ताला जड़ दिया और अपने बच्चों को पढ़ने नहीं भेजा। ग्रामीणों ने स्कूल के द्वार पर रोड नहीं तो वोट नहीं, शिक्षा भी नहीं के बैनर लटकाकर प्रदर्शन किया।

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गांव बिलखौरा कलां व खुर्द का संपर्क मार्ग पिछले 15 सालों से जर्जर है। इसे लेकर पिछले चार दिनों से ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। ग्रामीण बच्चों को परिषदीय स्कूलों में पढ़ने के लिए नहीं भेज रहे हैं। ग्रामीणों ने पिछले दो दिनों से तो स्कूल के गेट पर ताला लगा रखा है और सभी शिक्षकों को घुसने नहीं दिया जा रहा।

ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द के गेट पर बैनर लटका दिया और नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क की लगातार शिकायत उच्चाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कर-कर थक गए हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जरा सी बारिश होने के कारण ग्रामीणों का निकलना दुश्वार हो जाता है, लेकिन इस समस्या का आज तक किसी ने कोई समाधान नहीं किया है। वह तब तक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे और न ही स्कूल के द्वार को खोलने देंगे, जब तक ग्रामीणों ने बैनर पर विद्यालय व चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं और शिक्षा नहीं के भी नारे लगाए हैं।

जर्जर सड़क को दुरुस्त कराने के लिए कोई समाधान नहीं मिला है। इस कारण ग्रामीणों को लगता है कि अगर हम विद्यालय बंद कर देंगे तो उनके रास्ते का समाधान मिल सकेगा। ग्रामीणों ने गेट बंद कर बैनर लटका दिया है। हम लोगों को स्कूल के अंदर प्रवेश करने नहीं दिया है। हमने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। -अनीता कुमारी, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द

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जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वह अपने बच्चों को नहीं भेजेंगे। स्कूल भी नहीं खोलने देंगे। कोई भी जनप्रतिनिधि आज तक हमारी समस्या सुनने नहीं आया है न कोई अधिकारी हमारी समस्या सुनने को तैयार है। हम इस बार लोकसभा चुनाव का भी विरोध कर बहिष्कार करेंगे। -पुरुषोत्तम शर्मा, बिलखौरा खुर्द
प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द के गेट पर बैनर लटका दिया है। तब तक स्कूल नहीं खोलने देंगे, जब तक हमारे गांव की सड़क बनकर तैयार नहीं हो जाती। पिछली बार भी विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने बहिष्कार किया था, लेकिन आज तक कोई समस्या का समाधान नहीं हुआ है। -योगेश कुमार, बिलखौरा कलां

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