वर्कशॉप में खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद
होली से पहले हाथरस डिपो में नई बसें आने का एलान किया जा चुका है। होली नजदीक आते ही रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या में इजाफा भी होने लगा है। ऐसे में अगर नई बसें नहीं आती हैं तो यात्रियों का सफर काफी कठिन हो जाएगा।
हाथरस डिपो में वर्तमान में 71 बसें हैं। कई बसें काफी पुरानी हैं जो आए दिन रास्ते में खराब हो जाती हैं। इसके अलावा करीब एक दर्जन बसों में बैटरी व सेल्व का अभाव है। इस कारण ये बसें नियत स्थलों पर चालू हालत में खड़ी रहती हैं।
परिवहन निगम स्तर से नई बसों के आने की बात तो कही जा रही है। अभी तक यह तय नहीं हुआ कि नई कितनी बसें आएगी। यदि होली के त्योहार पर नई बसें नहीं आई तो यात्रियों को नियत स्थानों पर समय से पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
आरएम सतेंद्र वर्मा ने बताया कि मांग के सापेक्ष शासन को बसों की डिमांड भेजी गई है। रोडवेज बस कब तक आएंगी इसकी कोई जानकारी नहीं है। बसें आने पर तत्काल रूट तय कर दिया जाएगा। उम्मीद है होली से पहले नई बसें मिल जाएंगी।
- हाथरस डिपो में एक तो बसें जर्जर हालत में हैं। सबसे खास बात यह है कि बसें बाइपास पर उतार देती हैं। अधिकांश बसों में सेल्व बैटरी की कमी है। इस कारण बसों में धक्का भी लगाना पड़ता है। होली से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं, ताकि सफर में राहत मिले। - मोहित जैन, यात्री
एक तो बसें काफी पुरानी हैं। साथ ही हाथरस व अलीगढ़ को छोड़कर अन्य डिपो की बसें बाइपास से सीधे गुजरती हैं। बसों की कमी के चलते काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। होली से पहले नई बसें आ जाए तो काफी राहत मिलेगी। - योगेश शर्मा, यात्री