कलेक्ट्रेट सभागार में कर करेत्तर व राजस्व कार्योँ की समीक्षा बैठक लेती डीएम।
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जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर करेत्तर और राजस्व कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष वसूली करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में प्राप्त संदर्भ डिफाल्टर और लंबित की श्रेणी में नहीं आने चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। राजस्व प्रमाणपत्र लंबित होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी न्यायिक को निर्देश दिए कि यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह जनता दर्शन पंजिका को अवलोकन के लिए प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए उनका वेतन रोक दिया जाए। आईजीआरएस व सीएम हेल्पलाइन संदर्भों की समीक्षा में एडीएम न्यायिक मोईनुल इस्लाम ने कहा कि मुख्यमंत्री संदर्भ में छह, जिलाधिकारी संदर्भ में 380, पीजी पोर्टल में 21, पुलिस अधीक्षक संदर्भ में 195, एंटी भू-माफिया संदर्भ में तीन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दो, आर्थिक मदद संदर्भ में 11, संपूर्ण समाधान दिवस में 36 संदर्भ लंबित की श्रेणी में हैं। जिन विभागों में अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, डीएम ने उनके संबंध में स्पष्ट कारण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने राजस्व विभाग से संबंधित सरकारी सेवाओं के अंतर्गत समस्त तहसीलों में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन पत्र लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने वसूली में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम होने पर नाराजगी जाहिर की। अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर वाहनों की जब्ती एवं दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।