हाथरस में बारिश और तेज अंधड़ से गेहूं और जौ की फसल बिछ गई है, जिससे इनकी पैदावार पर असर पड़ेगा। उनका दाना भी काफी पतला हो जाएगा। जिन किसानों के खेत में सरसों की फसल थी, वह पकी थी और उन्होंने काटकर रखी हुई थी। सादाबाद एवं सहपऊ के कुछ क्षेत्रों में ओलों पड़ने से सरसों की फली फूट गई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
हाथरस में 20 फरवरी की शाम को शहर और क्षेत्र में हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश की मार से सरसों की फली फूट गई है तो जौ और गेहूं की फसल बिछ गई है। खेतों की मिट्टी गीली होने से आलू की खोदाई में और देरी होने के आसार हैं। किसानों को आलू की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ने की चिंता सता रही है।
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इस समय गेहूं और जौ की फसल में बालियां पनप रही हैं। कुछ खेतों में तो दोनों फसलों की बाली निकल चुकी हैं। 20 फरवरी की रात को हुई बारिश और तेज अंधड़ से गेहूं और जौ की फसल बिछ गई है, जिससे इनकी पैदावार पर असर पड़ेगा। उनका दाना भी काफी पतला हो जाएगा। जिन किसानों के खेत में सरसों की फसल थी, वह पकी थी और उन्होंने काटकर रखी हुई थी। सादाबाद एवं सहपऊ के कुछ क्षेत्रों में ओलों पड़ने से सरसों की फली फूट गई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। जो किसान सरसों निकालने की तैयारी कर रहे थे, अब गीली होने से उनको इसके लिए अब कम से कम आठ दिन का और इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद गर्मी बढ़ जाएगी, जिससे आलू खोदाई में परेशानी के साथ उनके नष्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा।
आलू की खोदाई की तैयारी कर रहे किसानों का अब इस बारिश ने और इंतजार बढ़ा दिया है। बारिश होने से पहले कुछ किसान मजदूरों से आलू की खोदाई करवा रहे थे। इसके साथ ही किसान आलू की खोदाई के लिए बाहर से मजदूर लाए थे। उन्हें अब इन मजदूरों को बैठे-बिठाए ही मजदूरी का भुगतान करना पड़ेगा और उनके खाने-पीने का इंतजाम अलग करना पड़ेगा।
हम मजदूरों से खुरपी से आलू की खोदाई करवा रहे थे। एक-दो दिन के बाद मशीन से खोदाई शुरू करने का विचार बना रहे थे। अब बारिश ने खुदाई का इंतजार और बढ़ा दिया है। -रतन स्वरूप शर्मा, किसान, सहपऊ।
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21 फरवरी की बारिश ने जौ एवं गेहूं की फसल का बिछा दिया है। जो फसल बिछी है, उसमें गेहूं एवं जौ का दाना काफी पतला हो जाएगा। साथ ही उनको काटने में भी काफी परेशानी होगी।-दिनेश शर्मा, किसान, नगला सेवा।
हाथरस में बीती रात बारिश होने से आलू व सरसों की फसल पर विपरीत असर होगा। आलू की फसल की खोदाई में देरी होगी। आलू के सड़ने की आशंका बढ़ेगी और उसकी गुणवत्ता में भी कमी आएगी। सरसों की पकी हुई फसल में भी नुकसान होने की संभावना है। टमाटर, बैंगन व अन्य सब्जियों के लिए बारिश लाभकारी होगी। साल ही जायद की फसलों की बुवाई जैसे कद्दूू, लौंकी, तोरई, खीरा, तरबूज, खरबूज व करेला की फसलों के लिए लाभदायक है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी का उचित प्रबंधन होना चाहिए। आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना है। -एसआर सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक।
गेहूं की आठ फीसदी फसल गिर गई है। सरसाें में नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। आलू की खोदाई अब देरी से हो पाएगी। आठ दिन करीब खुदाई में विलंब होगा। गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।-आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी।