सत्र न्यायाधीश ने 24 जनवरी को हत्या के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के मोहल्ला श्रीनगर नई बस्ती निवासी अजीमुद्दीन ने थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि वह अपने परिवार के साथ बली मोहम्मद के मकान में किराए पर रहता था। इसी मकान में पिछले एक साल से मनीष भडभूजा पुत्र धारा सिंह भी किराए पर रह रहा था। 17 अप्रैल 2018 को अजमुद्दीन के बेटे शाहरुख की मनीष से कहासुनी और गाली-गलौज हो गई।
उसके बाद हम लोगों ने इन दोनों को शांत कर दिया। 18 अप्रैल 2018 की रात्रि में जब शाहरुख घर की छत पर सोया हुआ था तो मनीष ने चाकुओं के प्रहार से उसकी हत्या कर दी। गंभीर हालत में परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लेकर आए। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी मनीष भडभूजा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।