हाथरस। एमएलसी चुनाव के लिए सियासी उठापटक तेज हो गई है। प्रत्याशियों के सामने तीन मार्च से पहले बहुमत का जादुई आंकड़ा जुटाने की चुनौती है। उनकी टीमें रात-दिन इस दिशा में काम कर रही हैं। चुनाव में मतदाता बननेे जा रहे बीडीसी सदस्य, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और नगर पालिका व पंचायतों के सभासदों के पते-ठिकानों पर यह टीमें पहुंच रही हैं और उन्हें साम, दाम, दंड, भेद के बूते अपने खेमे में लाने की कोशिश कर रही हैं। इस चुनाव में एक तरफ सत्ता पक्ष है तो दूसरी तरफ पूरा विपक्ष। नतीजा, मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से इतर इस चुनाव में सभी दलों के निशाने पर सपा है। लिहाजा विपक्षी दलों ने सपा की घेराबंदी में पूरी ताकत झोंक दी है। यह बात अलग है कि विपक्षी प्रत्याशी के समर्थन में अभी तक कोई भी दल खुलकर सामने नहीं आया है और न हीं अधिकृत घोषणा की गई है, लेकिन अंदरखाने सपा विरोधी प्रत्याशी को बसपा, रालोद, कांग्रेस और भाजपा समेत सभी दलों का पूरा समर्थन मिल रहा है। दोनों ही खेमे अपने समर्थक सदस्यों को एकांतवाश में महफूज ठिकानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। अलीगढ़-हाथरस जिलों के 90 फीसदी मतदाता दोनों प्रत्याशियों के सिपहसालारों की निगरानी में महफूज ठिकानों तक पहुंच चुके हैं, जिन्हें मतदान के दिन ही बाहर निकाला जाएगा। एकांतवाश में इन मतदाताओं की रखवाली का पूरा इंतजाम किया गया है।