चैत्र नवरात्र की शुरुआत नौ अप्रैल से होगी। इसके लिए शहर के देवी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में भी नवरात्र उत्सव के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया है। बाजार में पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं।
मंगलवार से शहर के देवी मंदिरों में नौ दिन तक माता की पूजा-अर्चना करने के लिए हर रोज हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। कई मंदिरों में मेला लगेगा। शहर से सैकड़ों श्रद्धालु आसपास स्थित देवी मंदिरों में उपासना के लिए जाएंगे। कुछ मंदिरों पर इस दौरान विशेष हवन आदि आयोजन किए जाएंगे। इसे लेकर मंदिरों में सफाई का दौर शुरू हो गया है।
शहर के बौहरे वाली देवी मंदिर, चामड़ गेट स्थित चामुंडा मंदिर, रमनपुर स्थित चामुंडा मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में भी शनिवार को लोग नवरात्र के लिए खरीदारी करते नजर आए। लोगों ने पूजा-पाठ पंचमेवा, रूई, कलावा, रोली, सिंदूर, अक्षत, लाल वस्त्र, सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, कलश, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टे, बताशे, पूजा में बैठने के लिए आसन, हल्दी की गांठ, अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, आरती की थाली, कुशा, जौ, तिल के अलावा शृंगार के सामान की खरीदारी की।
अश्व पर सवार होकर आएंगी माता
इस बार के चैत्र नवरात्र में माता अश्व पर विराजमान होकर आ रही हैं। इस बार पूजन से पहले घट स्थापना नौ अप्रैल को सुबह 07:32 बजे से करना शुभ होगा। अभिजित मुहूर्त नौ अप्रैल को सुबह 12 से दोपहर 01 बजे तक का रहेगा। पहले शैलपुत्री की उपासना होगी। दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी। मातारानी के अश्व पर विराजमान होकर आने से इस साल सोना, चांदी, मसाले, चना, तूअर दाल, हल्दी, सरसों, मैथीदाना, केसर, चाय, तंबाकू, सौंठ व सुगंधित पदार्थ के भाव उन्नत रहेंगे।
-पंडित शेखरेंदु दत्त शर्मा निवासी जागेश्वर, हाथरस।