बारिश के मौसम में बिजली से होने वाली जनहानि में कमी लाने के लिए अब जिले के सरकारी भवनों, होटल, बिजली उपकेंद्राें व ऊंचे भवनों के ऊपर तड़त रोधक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाए जाएंगे। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। डीएम अर्चना वर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों को बनने वाली कार्ययोजना में लाइटनिंग अरेस्टर को शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे जल्द से जल्द लाइटनिंग अरेस्टर लगाया जा सके। लाइटनिंग अरेस्टर ऐसा उपकरण है, जिससे बिजली गिरती है तो यह उपकरण उसे खींचकर अवशोषित कर लेता है और उसकी अर्थिंग को जमीन को दे देता है।
शासन ने सरकारी दफ्तर, विद्युत उपकेंद्र, ऊंचे भवनों, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पानी की टंकी, निर्माणाधीन अथवा नवनिर्मित भवनों, गोशालाओं, पार्क, नौकायन केंद्र, सरकारी व गैर सरकारी शैक्षणिक केंद्र, होटल, फैक्टरी और कॉलोनियों में लाइटनिंग अरेस्टर लगवाने के निर्देश दिए हैं।डीएम अर्चना वर्मा ने पुलिस, ग्राम्य विकास, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन, माध्यमिक शिक्षा, बिजली, अग्निशमन, लोक निर्माण आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग में तैयार होने वाली कार्ययोजना में लाइटनिंग अरेस्टर को शामिल करें। आपदा समन्वयक लेखराज सिंह ने बताया कि अब नए भवनों के नक्शों की स्वीकृति के लिए लाइटनिंग अरेस्टर की अनिवार्यता कर दी गई है।