हाथरस। सिकंदराराऊ के गांव अरनियां में करीब नौ वर्ष पूर्व दीवार के विवाद में हुई हत्या के एक मामले में न्यायालय ने चार भाइयों सहित पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि इनमें से ही दो लोगों को आर्म्स एक्ट के मामले में तीन वर्ष के कारावास और 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 13 जुलाई, 2006 की रात करीब साढ़े 8 बजे की है। पीड़ित सुरजीत के मुताबिक सिकंदराराऊ के गांव अरनिया में शाम को अपने भाई भूरे सिंह के साथ अपनी पुरानी दीवार को सही करा रहा था। इस दौरान पड़ोस के रामेश्वर और विजय सिंह पुत्रगण रवींद्र सिंह के अलावा संजीव, कल्लू, भूरे सिंह और पप्पू पुत्रगण रामेश्वर आए और दीवार लगाने से मना किया।
इसके बाद दीवार पर चिनाई बंद कर दी गई। आरोप है कि रात को करीब साढ़े 8 बजे जब पीड़ित सुरजीत और उसका भाई भूरे सिंह चबूतरे पर बैठा था तो यह लोग लोग छत के रास्ते चढ़ आए और गालियां देना शुरू कर दिया। जब इन लोगों से गालियां देने से मना किया तो यह लोग फायर करने लगे। इन लोगों द्वारा की गई ताबड़-तोड़ फायरिंग कर दी।
घटना में पीड़ित के भाई भूरे सिंह के पेट और छाती में गोलियां लगी, जबकि पीड़ित के हाथों में गोलियां लगी। पीड़ित का भाई गोलियां लगते ही जमीन पर गिर पड़ा। पीड़ित ने हल्ला मचाया तो आरोपी पूर्व दिशा की ओर भाग गए, जबकि पीड़ित भाई की हालत को गंभीर देते हुए गांव के ही मजीद खां के ट्रैक्टर में रखकर ला रहा था तो उसने थाने के पास ही दम तोड़ दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और विवेचना के बाद मामले में आरोप-पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय में हुई। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने संजीव, कल्लू, पप्पू, भूरे सिंह और विजय सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसको अदा नहीं करने पर दस माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश किए हैं, जबकि अभियुक्त कल्लू और भूरे सिंह को आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के कारावास और तीस हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
इसको अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास और भोगना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की 17 प्रतिशत धनराशि को मृतक की विधवा को बतौर प्रतिकर के रूप में दिए जाने के भी आदेश किए हैं।