शहर में जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इस कारण बिन बारिश के जलभराव होता है। शहर में दस बड़े नाले व कई छोटे नाले चोक हैं। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
शहर के 35 वार्ड में सीवेज ड्रेनेज सिस्टम तक दुरुस्त नहीं है। इसके अलावा शहर में दस बड़े नाले बने हुए हैं। कई छोटे नाल हैं। इन नालों की साफ सफाई के नाम पर पूर्व में खानापूर्ति हुई है। इस कारण आए दिन जलभराव होना आम बात हो गई है। अब कुछ समय बाद मानसून दस्तक देगा। तो जलभराव विकराल रूप ले लेगा। यदि शहर को सुंदर बनाना है तो सबसे पहले पालिका प्रशासन को जल निकासी के ठोस इंतजाम करने होंगे।
बारिश से पहले तली झाड़ अभियान चले
शहर के लोगों की मानें तो शहर में बारिश से पहले नालों की सफाई के लिए तली झाड़ अभियान चलाया जाए। तो शहर में जलभराव की समस्या पर कुछ हद तक विराम लग सकता है। क्योंकि शहर के अधिकांश नाले गंदगी से ऊपर तक अटे पड़े हैं।
पॉलीथिन बन रही सबसे बड़ी बाधा
शहर में पूरी तरह से पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध नहीं लगा। इस कारण जल निकासी में पॉलीथिन सबसे बड़ी बाधा खड़ी कर रही है। पॉलीथिन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे तो शहर में जल निकासी भी सुधर सकती है। क्योंकि पॉलीथिन में नाले नालियां भरे पड़े हैं। इस कारण जल निकासी अवरुद्ध हो रही है।
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कई इलाकों में बहाया जा रहा गोबर
शहर के कई इलाकों में डेयरी का कारोबार करने वाले लोगों द्वारा गाय भैंस के गोबर को नालियों में बहाया जा रहा है। पूर्व डेयरी संचालकों पर कार्रवाई भी की गई। अब अभियान ठंडे बस्ते में पड़ गया है। फिर से गोबर बहाने का काम शुरू हो गया है। इस कारण भी जल निकासी में दिक्कतें आ रही हैं। इससे पालिका बेसुध बनी हुई है।
शहर में जलभराव की समस्या सबसे बड़ी समस्या है। यदि जल निकासी पर नगर पालिका ध्यान दे तो काफी हद तक राहत मिलेगी। शहर भी सुंदर बनेगा। नालों की सफाई जल्द से जल्द की जाए। गोपाल प्रसाद, शहरवासी।
शहर में बड़े व छोटे नालों की सफाई की जाए। ताकि जल निकासी सही रहे। नव नियुक्त पालिकाध्यक्ष को सबसे पहले शहर की जल निकासी पर ध्यान देना चाहिए। ताकि शहर सुंदर बने। मूलचंद्र शहरवासी।
शहर में जल निकासी के प्रभावी कदम उठाने चाहिए। जहां जलभराव होता है। उन इलाकों को चिन्हित किया जाए। वहां जल निकासी सुचारु करने के लिए वहां इंतजाम किए जाएं। ताकि जलभराव से राहत मिल सके । मनोज शहरवासी।
सीवर लाइन जहां चोक हो रही है, उसे दुरुस्त किया जाएगा। बड़े व छोटे नालों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जल निकासी को सही करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। जहां जलभराव होता है वहां इलाकों को चिन्हित किया जाएगा।
श्वेता चौधरी, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, हाथरस नगर पालिका।