शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन कार्य के लिए जिले के 238 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए स्वच्छता संसाधन केंद्र (आरआरसी) का निर्माण किया जाएगा। जिले की 38 ग्राम पंचायतों में पंचायतराज विभाग को आरआरसी सेंटर के निर्माण के लिए भूमि मुहैया नहीं हो सकी है। अब जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन कार्य के लिए जिले की 238 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर का निर्माण कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस क्रम में सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्वारा आख्या उपलब्ध कराई गई कि 38 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है। इस कारण सेंटर का निर्माण होना संभव नहीं है।
एडीओ पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर ब्लॉक हाथरस के नगला खरग, रतनगढ़ी व पैकवाड़ा, ब्लॉक सासनी के सासनी देहात, ब्लॉक सिकंदराराऊ के नरहरपुर दोस्तपुर, आरिफपुर भोगपुर, बाजिदपुर, भटीकरा, पचायता, ब्लॉक हसायन के भेंकुरी, कानऊ, अमृतपुर असदपुर, सखी आबू तालीमपुर, नौजरपुर, मलामई इस्माइलपुर, ब्लॉक सादाबाद के एदलपुर, मंस्या, छाबा, दगसह, घूंचा, सरौठ, मई, बरामई, धनौटी, करसौरा, पिपरामई, गुरसौठी, जैतई, ब्लॉक सहपऊ के बुढ़ाईच, महरारा, मानिकपुर, मांगरू, नगला दली, परसौरा, शेरपुर, आरती, बहरदोई व रसगवां गांवों में आरआरसी निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है। डीपीआरओ सुबोध जोशी ने बताया कि भूमि उपलब्ध होते ही आरसीसी का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।