कोतवाली के कार्यालय के आगे बरामदे में बनी छत शनिवार की रात को टूटकर गिर गई। रात होने के कारण बरामदे में उस समय कोई नहीं था, वरना हादसा हो सकता था। बारिश के चलते कोतवाली परिसर में बने आवासों के साथ पुलिस बैरक और कार्यालयों की छतों से पानी टपकने लगा।
कोतवाली की इमारत बने हुए लगभग 55 वर्ष व्यतीत हो चुके हैं। इमारत पुरानी होने के कारण इसकी छत काफी जर्जर हालत में है। मंगलवार से शुरू हुई बारिश ने इस इमारत की स्थिति और खराब कर दी है। बुधवार को ही कोतवाली के पूरे आवासों के साथ कार्यालय एवं बैरक की छत से पानी टपक रहा था। इन बैरकों में रहने वाले पुलिस कर्मियों का सोना भी दूभर हो गया।
सीओ सादाबाद हिमांशु माथुर का कहना है कि कोतवाली की नई इमारत बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मंजूर हो जाने के बाद नई इमारत पर कार्य शुरू हो जाएगा। बारिश बंद होने के बाद आवासों पर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे नई इमारत बनने तक पुलिस कर्मी उसमें रह सकें और पुलिस अपना कार्य करती रहे।