विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के कस्बा सादाबाद में तैनात अवर अभियंता श्रीकांत पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच कर रही कमेटी ने जांच में अवर अभियंता को दोषी पाया है। जांच कमेटी द्वारा आरोपी जेई पर कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल हाथरस को सौंपी गई है।
बता दें कि कस्बा सादाबाद के उपेंद्र पर तैनात अवर अभियंता श्रीकांत के खिलाफ एक उपभोक्ता ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए कहा था कि श्मशान घाट के बराबर गली में बिजलीघर रोड पर घर के सामने मुख्य दरवाजे पर लगे एक एसटीपी खंभे को गलत बताकर हटा दिया गया एवं बिना प्राक्कलन बनाए दो खंभे की लाइन को अवैध रूप से शिफ्ट कर दिया गया।
इसी प्रकार एक और उपभोक्ता द्वारा जेई पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत करते हुए कहा था कि झटपट पोर्टल पर घरेलू संयोजन लेने के लिए आवेदन किया गया। इसके सापेक्ष संबंधित अवर अभियंता द्वारा 41514 रुपये का प्राक्कलन बनाया गया। दोनों ही मामले में एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया था।
जांच कमेटी में प्रमोद कुशवाहा अधिशासी अभियंता परीक्षण खंड, अमित कुमार सहायक अभियंता व गिर्राज सिंह लेखाकार सदस्य को नामित किया गया था। जांच कमेटी द्वारा की गई पूरे मामले की जांच में पाया गया कि अवर अभियंता श्रीकांत पर लगे भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों से इंकार नहीं किया जा सकता है। जांच कमेटी द्वारा अपनी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को सौंपते हुए दोषी जेई के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।