पुरदिलनगर के पास गांव नगला बिहारी में खेत में भरा पानी
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ईशन नदी में आई बाढ़ ने पुरदिलनगर व हसायन क्षेत्र के 4100 किसानों की 1100 हेक्टेयर में खड़ी बाजरा, धान और गुलाब की फसल बर्बाद की है। प्रशासन ने फसलों के नुकसान की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी है और आयुक्त आपदा प्रबंधन से किसानों को मुआवजा देने के लिए दो करोड़ रुपये मांगे हैं।
ईशन नदी में उफान आने की वजह से हसायन व पुरदिलनगर क्षेत्र के करीब 28 गांवों में पानी भर गया था और फसल डूब गई थी। बाढ़ की वजह से गांव बरसामई, महाराजपुर से तो लोग पलायन करने के अन्य ठिकानों के लिए रवाना हो गए थे। पानी का स्तर कम होने के बाद भी खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पाई है।
उस समय इन गांवों में करीब पांच हजार किसानों की फसल के बर्बाद होने का अनुमान लगाया गया था। जलस्तर कम होने के बाद तहसील टीम ने सर्वे किया और अब तक 4100 किसानों की फसल के नुकसान का आकलन किया है। इन किसानों की करीब 1100 हेक्टेयर भूमि में खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है।
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद कलेक्ट्रेट स्थित किसानों को मुआवजा दिए जाने के लिए डाटा फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया है। ताकि मुआवजा मिलते ही धनराशि किसानों के खाते में भेजी जा सके। बचे हुए गांवों का सर्वे किया जा रहा है।
शासन को दो करोड़ रुपये की मांग भेजी गई है। मुआवजे के लिए करीब 1100 किसानों को डाटा फीड किया जा चुका है। धनराशि मिलने तक सभी किसानों के खाते सहित पूरा ब्योरा पोर्टल पर फीड कर लिया जाएगा। -बसंत अग्रवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व