कलेक्ट्रेट सभागार में बैंकर्स की जिला परामर्शदात्री समिति और आरसेटी समिति की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों के स्तर से निरस्त आवेदनों की कारण सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश अग्रणी जिला प्रबंधक को दिए।
उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों में अगर किसी प्रकार की कमी है तो समय देते हुए संबंधित व्यक्ति के साथ संबंधित विभाग को भी सूचना उपलब्ध कराई जाए। लंबित आवेदन पत्रों का अविलंब निस्तारण कर सभी पात्र आवेदकों को ऋण मुहैया कराया जाए। विभिन्न योजनाओं के अंतरगत ऋण वितरण में लक्ष्य के सापेक्ष अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित बैंक प्रबंधक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जून माह के अंत तक स्वयं सहायता समूहों के लंबित खातों को तत्काल खोलते हुए प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद का ऋण जमा अनुपात 68.55 प्रतिशत होने और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ऋण जमा अनुपात 40 प्रतिशत से कम होने पर नाराजगी जताई। एलडीएम को बैंकर्स के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।