कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने शस्त्र बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने बने, अधबने हथियार व शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
एसपी निपुण अग्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस ने कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के कचौरा मारहरा मार्ग पर टीले के पास बने मंदिर के सामने धर्मशाला के पीछे दबिश देकर इस शस्त्र फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके तीन तमंचा 315 बोर, 26 खोखा कारतूस, छह कारतूस, एक प्लास्टिक के कट्टे में शस्त्र बनाने के उपकरण, अधबने शस्त्र व अधजला कोयला, शस्त्र बनाने के उपकरणों में लोहे के तार का लच्छा, एक रेती तिकोनी, लोहे की आरी के आठ ब्लेड, एक छैनी, एक सुम्मी लोहा, एक सड़ासी, दो पेचकस, तीन लोहे की पत्ती, पांच रेखमाल, चार नट (डिमरी), एक ग्रिराइंडर, एक भट्ठी लोहे की, कोयला, 11 लोहे की नाल, एक हथौड़ी छोटी, 40 स्क्रू, दो सुम्मी लोहे के अलावा अधबने शस्त्र व अधजला कोयला बरामद किया है।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम कृष्णकांत उर्फ कपाला पुत्र वीरेंद्र सिह निवासी खरबा थाना हाथरस जंक्शन, गजेंद्र पुत्र राजन सिंह निवासी नगला बबूल थाना जलेसर जिला एटा व जय श्रीराम पुत्र जिलेदार निवासी सभापुर थाना निधौली कलां जिला एटा बताए हैं। अभियुक्त गजेंद्र ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध तमंचे बनाकर क्षेत्र में अवैध शस्त्रों को विक्रय करते हैं।
वह पूर्व में भी जनपद एटा से जेल जा चुका है। अभियुक्तों को शस्त्रों की बिक्री से जो रुपया प्राप्त होता है, उससे अपना जीवन यापन करते है। गजेंद्र एक शातिर किस्म का अपराधी है। वह पूर्व में जेल जा चुका है। उसके विरुद्ध जनपद एटा में हत्या के प्रयास, आयुध अधिनियिम, मारपीट आदि जैसी धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।