वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत धारा 73-1 के नोटिस का जवाब दिए जाने की 31 अगस्त को आखिरी तारीख है। जवाब दाखिल न करने वालों को आज के बाद जुर्माना व ब्याज का सामना करना पड़ सकता है। विभागीय अधिकारियों के अलावा कर अधिवक्ता भी जवाब दाखिल करने में व्यस्त रहे।
जीएसटी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए शहर के करीब 700 व्यापारियों को धारा 73-1 के नोटिस जारी किए गए थे। इनका जवाब 31 अगस्त तक लेकर निस्तारण किया जाना है। इस तिथि के बाद जवाब न देने वाले व्यापारी को धारा 74 के अंतर्गत नोटिस जारी कर 20 हजार रुपये का जुर्माना और अब तक की ब्याज अदा करने के लिए कहा जाएगा। ऐसे में जीएसटी अधिकारियों की ओर से भी नोटिसों का निस्तारण किया जा रहा है।
दूसरी ओर कर अधिवक्ता भी व्यापारियों से संपर्क कर जवाब दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि करीब 200 नोटिस के जवाब अभी तक विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं। ऑनलाइन दिए जाने वाले इन जवाबों को लेकर दो सितंबर तक स्थिति साफ हो पाएगी।