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विश्व हाइपरटेंशन दिवस: बदलती जीवनशैली व तनाव से बढ़ रहा हाइपरटेंशन, आ रहे रोजान 100 से 150 मरीज

Wed, 17 May 2023 02:13 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाइपरटेंशन का प्रमुख कारण अनियमित जीवनशैली व तनाव है। इसके अतिरिक्त कुछ लोगों को यह बीमारी उनके माता पिता से जीन के कारण भी विरासत में मिलती है। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट से भी उक्त रक्तचाप की बीमारी हो सकती है।
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हाइपरटेंशन
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विस्तार
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बदलती जीवनशैली और तनाव के कारण हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के मरीज बढ़ते जा रहे है। हाइपरटेंशन के 100 से 150 मरीज रोजाना उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक धमनी की दीवारों के खिलाफ लंबे समय तक रक्त के बढ़ते हुए दबाव की स्थित को हाइपरटेंशन कहते हैं। मनुष्य का हृदय कितना रक्त पंप करता है और धमनियों में रक्त प्रवाह के प्रतिरोध की मात्रा कितनी है, इस आधार पर रक्तचाप के स्तर का निर्धारण किया जाता है। धमनी की संकीर्णता जितनी अधिक होगी और जितना अधिक रक्त आपके हृदय द्वारा पंप किया जाता है, रक्तचाप उतना ही अधिक होता है। सामान्य भाषा में उच्च रक्तचाप को ही हाइपरटेंशन कहते हैं। 

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हाइपरटेंशन के कारण
हाइपरटेंशन का प्रमुख कारण अनियमित जीवनशैली व तनाव है। इसके अतिरिक्त कुछ लोगों को यह बीमारी उनके माता पिता से जीन के कारण भी विरासत में मिलती है। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट से भी उक्त रक्तचाप की बीमारी हो सकती है। बढ़ती उम्र, अधिक वजन भी हाइपरटेंशन का कारण बनते हैं। इसके अलावा अन्य बीमारियों जैसे थाइरायड, गुर्दे आदि की बीमारी के कारण भी हाइपरटेंशन की समस्या सामने आ सकती है।

हाइपरटेंशन के लक्षण  
हाइपरटेंशन के अधिकांश मामलों में रोगी में कोई खास लक्षण सामने नहीं आते हैं। कुछ रोगियों में सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ, नाक से खून आना आदि प्रमुख लक्षण सामने आते हैं। 
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बचाव के उपाय
भोजन में नमक का कम इस्तेमाल करें। स्वस्थ जीवनशैली जिएं। नियमित व्यायाम करें। सुबह शाम टहलने जाएं। धूम्रपान और शराब का सेवन न करें। योग करें। शरीर का वजन कम करने की कोशिश करें। 

हाइपरटेंशन का प्रमुख कारण बदलती जीवनशैली व तनाव है। जिला अस्पताल में हाइपरटेंशन के 100 से 150 मरीज रोजाना उपचार के लिए आते हैं। जीवनशैली में बदलाव कर रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए इस बीमारी के मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली जीनी चाहिए। -डॉ. वरुण चौधरी, फिजीशियन बागला जिला अस्पताल हाथरस।

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