जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के पोषण के लिए सरकार से मिलने वाली राशि कम होने के कारण मरीजों को रोजाना एक जैसा नाश्ता व भोजन मुहैया कराया जा रहा है, जिससे मरीजों को समुचित पोषण नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को स्वास्थ्य लाभ होने में भी सामान्य से अधिक समय लगता है।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को पोषण देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क नाश्ता व दोनों समय का भोजन मुहैया कराया जाता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सरकार से इसके लिए प्रति मरीज के हिसाब से रोजाना मात्र 90 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। इतने कम रुपयों में एक समय का पोषण युक्त नाश्ता व दोनों समय का भोजन मरीजों को दे पाना काफी चुनौतीपूर्ण है। परिणामस्वरूप अस्पताल में भर्ती मरीजों को रोजाना एक जैसा नाश्ता व भोजन ही उपलब्ध कराया जाता है।
मरीजों का आरोप है कि उन्हें अंडे और फल तो कभी दिए ही नहीं जाते हैं, जबकि बीमार मरीज को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में इन खाद्य पदार्थों की बड़ी भूमिका होती है। रोजाना सुबह नाश्ते में ब्रेड, मक्खन व दूध ही मरीजों को दिया जा रहा है। दूध की गुणवत्ता पर भी मरीजों ने सवाल खड़े किए। दोपहर को दाल रोटी व शाम को रोजाना सब्जी व रोटी ही दी जाती है। मरीजों का आरोप है कि जो दल उन्हें दी जाती है, उसकी गुणवत्ता भी कुछ खास नहीं होती है।
मेरा भाई छत से गिरकर घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। यहां रोजाना एक जैसा ही नाश्ता व भोजन दिया जा रहा है।
- दयाराम, तीमारदार।
उल्टी-दस्त से ग्रस्त होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती हुआ हूं। यहां मरीजों को रोजाना एक जैसा ही भोजन दिया जाता है। अंडा और फल तो दिए ही नहीं गए हैं।
- नजीब, मरीज
विभाग से मरीजों के नाश्ते व दोनों समय के भोजन के लिए मात्र 90 रुपये की राशि ही प्राप्त होती है। इतनी कम राशि में मरीजों को नाश्ता व भोजन दे पाना काफी मुश्किल है। बृज क्षेत्र में लोग अंडा नहीं खाते हैं, इसलिए मरीजों को अंडा नहीं दिया जा रहा है। फल तो समय समय पर मरीजों को दिए जाते हैं।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, बागला जिला अस्पताल हाथरस।
बाजार में कीमतें
खाद्य पदार्थ का नाम कीमत
दाल 70 रुपये प्रति प्लेट
रोटी 10 रुपये प्रति रोटी
अंंडा 8 रुपये अंडा
ब्रेड 20 रुपये प्रति पैकेट
दूध 50 रुपये प्रति लीटर