गांव कटैलिया में विद्युत तार जर्जर अवस्था में लटके हुए हैं। यहां तक गलियों में 11 हजार केवी की विद्युत लाइन इस कदर लटकी हुई है, अगर कोई बड़ा वाहन इन तारों के नीचे से गुजरे तो चपेट में आ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि इन विद्युत तारों को ऊंचा कराने व नीचे सेफ्टी वायर लगवाने के लिए कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। हर समय हादसों का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह खंभा भी करीब डेढ़ माह पूर्व टूट गया था, लेकिन तब से इसे सही नहीं कराया गया।
कई बार लिखित माध्यम से तारों को दुरुस्त कराने के लिए शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, हर समय हादसे का डर बना रहता है।-विनीत राणा, ग्राम प्रधान।
गांव में जर्जर तार हैं, खंभा तो डेढ़ माह से टूटा हुआ है, कोई सही करने नहीं आया है। आखिरकार हादसा हो ही गया है।-नौबत सिंह, ग्रामीण।
मां बोली-अब किसकी लंबी उम्र के लिए रखूंगी अहोई अष्टमी का व्रत
कटैलिया में 23 अक्तूबर की सुबह मनोज कुमार के घर की खुशियां अचानक मातम में बदल गई। गोलू की मौत के बाद मां मीरा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। एक ही बात वह रोते हुए कह रही थी कि बेटा तो गया, अब किसकी लंबी उम्र के लिए रखूंगी अहोई अष्टमी का व्रत, उसकी तो उम्र ही खत्म हो गई। बिलखती मां बच्चे को शव को परिजनों को ले जाने नहीं दे रही थी। परिवारीजन उन्हें ढाढ़स बंधा रहे थे। गोलू अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। बुधवार की सुबह हुई घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।