स्वास्थ्य विभाग मरीजों को सुविधाएं देने के दावे करता है। जमीनी हकीकत इससे उलट है। इसकी बानगी बागला जिला अस्पताल में देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग एक मृतक के परिजनों को शव वाहन तक मुहैया नहीं करा सका। उन्हें निजी वाहन से शव लेकर जाना पड़ा।
मोहल्ला रमनपुर का एक व्यक्ति सांस की बीमारी से पीड़ित था। मंगलवार सुबह उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने शव वाहन के लिए फोन किया। परिजन शव लेकर वाहन में बैठ गए, लेकिन वाहन चालू ही नहीं हुआ। चालक ने कर्मचारियों से धक्का भी लगवाया। आधा घंटा बीत जाने के बाद भी वाहन चालू नहीं तो परिजन रोते-बिखलते हुए शव को निजी वाहन से लेकर घर चले गए। इस संबंध में सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में दो शव वाहन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद अगर किसी को शव वाहन नहीं मिल पाया है तो जिम्मेदारों के खिलाफ करवाई की जाएगी।