हाथरस : पेशी पर आए मोहम्मद जुबैर को सुरक्षा में ले जाते पुलिस कर्मी। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर की सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय सीजेएम न्यायालय में पेशी हुई। पुलिस ने उसे कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। काफी देर चली बहस के बाद न्यायालय ने उसका रिमांड स्वीकृत नहीं किया। कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली पुलिस उसे वापस ले गई। पूरे दिन न्यायालय परिसर में गहमागहमी रही और काफी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान पूरा न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील रहा।
उल्लेखनीय है कि ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ यहां कोतवाली सदर और सिकंदराराऊ में धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। पिछले दिनों कोतवाली सदर में दर्ज मुकदमे में उसकी सीजेएम न्यायालय में पेशी हुई थी। इसके बाद इस मुकदमे केे विवेचक ने उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में ही प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र पर फिर न्यायालय जुबैर को तलब किया था। सोमवार को दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उसे कोर्ट में लेकर आई।
यहां न्यायालय परिसर में अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार, सीओ सिटी मनोज कुमार शर्मा की अगुवाई में काफी पुलिस बल सुबह से ही तैनात था। जुबैर के पुलिस कस्टडी रिमांड को लेकर कोर्ट में बहस हुई। वादी पक्ष की ओर से एसपीओ एके निरंजन ने पैरवी की, जबकि जुबैर की ओर से दिल्ली से आए उमंग रावत, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष यज्ञदत्त गौतम ने पैरवी की। इस दौरान सोमवार को ही जुबैर के मामले में सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश आया।
इसमें जुबैर से संबंधित मुकदमों में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम स्थगन आदेश दे दिया और 20 जुलाई की अगली सुनवाई की तिथि नियत की। सोमवार को जब सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश आया तो इसका हवाला जुबैर के अधिवक्ताओं ने सीजेएम कोर्ट में दिया। इस आदेश के बाद स्थानीय न्यायालय ने जुबैर के रिमांड को लेकर हो रही सुनवाई स्थगित कर दी। ऐसे में पुलिस को सोमवार को जुबैर का कस्टडी रिमांड नहीं मिला। तदुपरांत कड़ी सुरक्षा के बीच जुबैर को पुलिस वापस दिल्ली ले गई। संवाद