न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि के लिए उनके अभिभावकों के बैंक खातों में 1200 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से भेजे हैं, लेकिन अभी तक कुछ अभिभावकों को छोड़ दें तो काफी बच्चों के लिए स्वेटर नहीं खरीदे गए हैं। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 1200 से अधिक स्कूलों में सवा लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। अनिवार्य व नि:शुल्क शिक्षा के तहत इन बच्चों को हर वर्ष यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, टाई, स्वेटर आदि के लिए प्रत्येक बच्चे के अभिभावक के खाते में पिछले साल तक 1100 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन इस बार धनराशि बढ़ाकर 1200 रुपये भेजी गई है।
इसके बावजूद कुछ अभिभावकों को छोड़कर कर अगर बात करें तो किसी ने यूनिफॉर्म नहीं खरीदी है तो किसी ने जूूता-मोजा नहीं खरीदे हैं। कुछ बच्चों से बातचीत हुई तो वह एक ही बात बोले, पापा के खाते में रुपये तो पहुंच गए, लेकिन अभी वह स्वेटर ही नहीं लेकर आए, जबकि स्कूल आते वक्त ठंड लगती है।
सुबह स्कूल आते वक्त ठंड तो लगती है। मम्मी हमारे लिए स्वेटर लेकर आएंगी, क्योंकि पुराना स्वेटर छोटा हो गया है।
-परी, छात्रा हड़ैला
कई दिन से ठंड लगी है। स्वेटर पापा लेकर आएंगे। हमारे पापा ज्यादा व्यस्त हैं, लेकिन जल्द ही वह हमारे लिए स्वेटर लेकर आएंगे।
-सत्यवीर, खेड़ा बरामई
पुराना स्वेटर छोटा हो गया है, नया स्वेटर आने पर उसे रोज पहन कर आएंगे। पापा काम के चक्कर में बाजार नहीं जा पाए हैं।
-ललित, खेड़ा बरामई
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पुराना वाला स्वेटर छोटा हो गया है। अब ठंड तो सुबह लगती है। पापा जल्द ही हमारे लिए स्वेटर लेकर आने की बात कह रहे थे।
-कुश, हतीसा
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हमारे स्कूल में 198 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 176 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि के लिए 1200 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से धनराशि भेजी जा चुकी है। कई बार अभिभावकों से संपर्क करके यूनिफॉर्म व स्वेटर आदि खरीदने के लिए कह चुके हैं, लेकिन कुछ अभिभावक तो सुनते ही नहीं हैं।
-सुरेश कुमार शर्मा, प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय खेड़ा बरामई
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हमारे यहां कुल 325 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 188 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि के लिए निर्धारित धनराशि भेजी जा चुकी है। जो बच्चे शेष रह गए हैं, उनके बैंक खाते के ब्योरे में कोई गड़बड़ी है। इस कारण उनके खातों में पैसा जाने में दिक्कत हो रही है। इस समस्या को भी दूर कराया जा रहा है।
-मंजू गुप्ता, प्रभारी प्रधानाध्यापिका संविलियन विद्यालय हतीसा