न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ आजादी के अमृत महोत्सव मनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। वहीं जिले के लोगों को अवैध कब्जों व अतिक्रमण से आजादी नहीं मिल रही। सड़कों से लेकर सार्वजनिक और पुरातन महत्व तक के स्थलों पर कब्जे और अतिक्रमण हैं। प्रशासन ने कई बार अभियान छेड़ा, लेकिन अवैध कब्जे पूरी तरह नहीं हटे। रास्ते संकुचित हो रहे हैं और रोजाना लगने वाला जाम भी इसकी मुख्य वजह है।
आजादी के अमृत महोत्सव में लोग अब अतिक्रमण से आजादी का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी राह सुगम हो सके। शहर के रामलीला मैदान, पंजाबी मार्केट, बैनीगंज, नवीपुर चौराहा, मार्ग, घंटाघर, खातीखाना, हलवाई खाना सहित कई जगहों पर अतिक्रमण का बोलबाला है। इस कारण जैसे जैसे दिन निकलता है मार्ग संकरे हो जाते हैं। सुबह से शाम तक लोगों को राह तय करने में दिक्कतों से जूझना पड़ता है। संवाद
शहर के नवीपुर मार्ग पर अतिक्रमण का बोलबाला है। इस कारण कई साल से मार्ग का निर्माण नहीं हो पा रहा है। अतिक्रमण के कारण बाजारों में सुबह से शाम तक जाम रहता है। इस कारण खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। -प्रदीप शर्मा
किला राजा दयाराम परिसर में करीब 60 प्रतिशत भूमि पर अवैध कब्जा है। शहर के कई अन्य मार्गों पर भी अवैध कब्जे हैं। नाले-नालियों को भी लोगों ने पाट रखा है। शहर में जाम लगने की मुख्य वजह भी यही है।
-हरीश शर्मा, एडवोकेट
अतिक्रमण को समाप्त किया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके। अतिक्रमण बड़ी समस्या है। इससे आजादी मिलनी चाहिए। आज के समय में अतिक्रमण के चलते मार्गों का निर्माण न होना बहुत बड़ा सवाल है।
-पवन वार्ष्णेय