फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: धनतेरस पर पूर्वांचल के जिलों तक खनकेंगे हाथरस के बर्तन

Fri, 03 Nov 2023 12:58 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
शहर के एक थोक बर्तन विक्रेता के यहां रखा स्टॉक। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
लंबे समय से आसपास के जिलों और प्रदेशों में जिले की पहचान पीतल के बर्तन बनाने के लिए थी, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ रहा है। जिला स्टील के बर्तन के कारोबार में आसपास के के साथ पूर्वांचल के जिलों में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। पिछले कुछ समय में हाथरस का स्टील बर्तन के कारोबार के साथ उत्पादन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ा है। जिले में बर्तनों की कई निर्माण इकाइयां लगी हैं। इस कारण त्योहार के मौके पर हाथरस में बर्तन का कारोबार 50 करोड़ से ऊपर पहुंचने की संभावना है।
विज्ञापन




शहर में बने स्टील बर्तनों की खपत सिर्फ हाथरस ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य जनपदों तक है। बात अगर सिर्फ हाथरस शहर की करें तो शहर के आगरा रोड बाईपास तिराहे के साथ ही शहर की होली वाली गली, सरक्यूलर रोड, सपरिया मंदिर चौराहा आदि कई जगह स्टील के बर्तन बनाने के कारोबार का हब बन गए हैं। धनतेरस से पहले बाहर के कारोबारी यहां से बड़े पैमाने पर बर्तनों की खरीद कर रहे हैं।



बता दें कि पीतल के बर्तन बनाने में हाथरस पहले से ही अलग पहचान रखता है। शहर की कई ऐसे मोहल्ले हैं, जहां सिर्फ पीतल से बने बर्तन बनाने का काम होता है। बदलते समय में पीतल के बर्तनों का प्रयोग कम होने के कारण इसकी जगह स्टील के बर्तनों ने ले ली है।
विज्ञापन






जोधपुर व हापुड़ से होती है स्टील चादरों की खरीद
जिले में लगी स्टील बर्तन निर्माता यूनिट राजस्थान के जोधपुर व प्रदेश के हापुड़ जनपद से बड़ी मात्रा में स्टील चादरों की खरीद कर रही हैं। इनकी वजह से हाथरस स्टील बर्तन कारोबार में पहचान बना रहा है। यहां स्टील के हर प्रकार के बर्तन कई डिजायनों में उपलब्ध होते हैं। चूंकि हाथरस पहले से ही बर्तनों के कारोबार का गढ़ रहा है, इसलिए इसका पूरा फायदा हाथरस में बर्तन बनाने वाली इकाइयों को मिल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में कारोबारी फर्म भी उत्पादन के क्षेत्र में उतर सकती है।





मुंबई, अहमदाबाद व मुरादाबाद से बर्तनों की आवक
बर्तन के ट्रेडिंग कारोबार में मुंबई, अहमदाबाद व मुरादाबाद से बड़े पैमाने पर आवक होती है। कई प्रकार के विशेष क्वालिटी वाले स्टील व पीतल के बर्तन आज भी मुंबई, अहमदाबाद व मुरादाबाद से हाथरस आते हैं। यहां से आसपास के जिलों व ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी आपूर्ति हो रही है। इस धनतेरस पर इन शहरों से आने वाले डिजायनर बर्तनों की जिलें में भी अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।





तांबा, पीतल हाथरस में तो स्टील दिल्ली में गलाई जाती है
जनपद में तांबा, पीतल के पुराने बर्तन की खरीद बड़े पैमाने पर होती रही है। अब स्टील के पुराने बर्तनों की खरीद का भी कारोबार पनप रहा है। हाथरस में तांबा व पीतल की गलाई बड़े स्तर पर होती है। स्टील के बर्तनों को गलाई के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है। जिले में स्टील के पुराने बर्तन लगभग 70 रुपये किलो खरीदे जा रहे हैं। पुरानी पीतल 490 रुपये व पुराने तांबे के बर्तन 650 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे जा रहे हैं।





इस साल पांच फीसदी तक बढ़े स्टील के दाम
स्टील टंकी

180 रुपये किलो
स्टील कटोरी

250 रुपये किलो
स्टील गिलास

240 रुपये किलो
स्टील चम्मच

300 रुपये किलो
स्टील थाल

210 रुपये किलो
पीतल बर्तन भारी
550 रुपये किलो तक
पीतल के हल्के बतर्न 650 रुपये किलो तक
हल्के तांबा बर्तन 1000 रुपये किलो तक





हमारे लिए अब हाथरस की मंडी काफी अच्छी साबित हो रही है। यहां पीतल के कई प्रकार के बर्तन तो पहले से ही मिल जाते थे। अब स्टील की कई प्रकार की क्वालिटी एक ही जगह मिल जाती है। यहां कुछ फैक्टरियां भी विशेष बर्तन बना रहीं हैं, जहां से हमें अपेक्षाकृत सस्ते दामों पर मिल जाते हैं।
-आकाश कुमार, अमापुर के खुदरा व्यापारी





अन्य जनपदों के साथ पूर्वांचल के क्षेत्रों मेंं भी हाथरस की कुछ फर्म माल भेज रही हैं। धनतेरस पर इस साल स्टील के दामों में अधिक इजाफा नहीं हुआ है। अधिकतम पांच फीसदी का ही इजाफा है, लेकिन अब हाथरस में बर्तनों की हर प्रकार की हर क्वालिटी मौजूद है।
विज्ञापन

-श्रीकृष्ण अग्रवाल, थोक बर्तन कारोबारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें