फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : प्रसव के बाद महिला की मौत पर कोतवाली में हंगामा

विज्ञापन
हाथरस : प्रसव के दौरान मृतक महिला का फाइल फोटो। संवाद - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

सदर कोतवाली क्षेत्र में कोतवाली के पास स्थित एक निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन प्रसव के बाद महिला को रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ ले जाते में महिला की मौत हो गई। गुस्साए परिवार के लोग शव को लेकर कोतवाली पहुंच गए और अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद गुस्साए महिला-पुरुष शांत हो गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर शव को परिजनों को सौंप दिया।
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव गंगचौली निवासी रवि की पत्नी पूनम को 27 जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने उसे हाथरस सदर कोतवाली के पास स्थित वर्धमान हॉस्पिटल में प्रसव के लिए भर्ती करा दिया। परिजनों का आरोप है की उनसे अस्पताल वालों ने पांच हजार रुपये जमा करा लिए और बिना बताए महिला का ऑपरेशन कर दिया। बच्चा तो सुरक्षित है, लेकिन प्रसव के बाद अचानक महिला की हालत बिगड़ गई।
विज्ञापन

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल वालों ने एंबुलेंस बुलाकर महिला को वहां से अलीगढ़ ले जाने के लिए परिजनों से कहा। अलीगढ़ ले जाते वक्त महिला की रास्ते में मौत हो गई। परिजन शव को लेकर हाथरस वापस आ गए। परिजनों को महिला की मौत की जानकारी हुई तो वह आक्रोशित हो गए और शुक्रवार की सुबह बड़ी संख्या में लोग शव को लेकर कोतवाली सदर पहुंच गए। उन्होंने नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे की जानकारी पर सीओ सिकंदराराऊ और कई स्थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने बमुश्किल आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। संवाद
महिला की मौत की जांच के लिए समिति गठित
हाथरस। वर्धमान हॉस्पीटल एंड मैटरनिटी होम का शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने यहां पूनम (27 वर्ष ) पत्नी रवि निवासी गंगचौली हाथरस जंक्शन हाथरस की मृत्यु की जांच की।
विज्ञापन

सीएमओ मंजीत सिंह ने बताया कि मरीज वर्धमान हॉस्पिटल में मरीज 27 जुलाई से भर्ती थीं। उनका ऑपरेशन 28 जुलाई को हुआ। हालत गंभीर होने पर अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन मरीज के परिजन उन्हें वहां नहीं ले गए। परिजन द्वारा हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाने की वजह से इस मामले में जांच समिति गठित की गई है। इसमें जिला महिला चिकित्सालय की डॉ. पुष्पलता और जनरल सर्जन डॉ. अनिल कुमार मौर्या को शामिल किया गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम पैनल डॉ. सुमित चौहान एवं डॉ. यशवीर सिंह के संयुक्त पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के बीच कराया गया है। इसमें मौत का कारण स्पष्ट न होने की वजह से विसरा के नमूने को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है, जिससे मौत का कारण स्पष्ट हो सके। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें