न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विशेष न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) त्रिलोकपाल सिंह के न्यायालय ने अनुसूचित जाति की छात्रा से छेड़खानी करने वाले अभियुक्त को दोषी मानते हुए दो वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना चंदपा में सात अगस्त 2014 को पीड़िता के पिता ने तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने कहा कि उनकी बेटी शहर के एक डिग्री कॉलेज से अपनी प्रवेश सूची देखकर साइकिल से घर आ रही थी। रास्ते में चार युवक आए। यह चारों बाइक पर सवार थे।
इन युवकों ने बाइक को साइकिल के बराबर लगाते हुए जाति सूचक शब्द कहते हुए कहा कि तू अकेली कहां जा रही है। साथ ही इन युवकों ने उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। इस पर शोर मचने पर वहां मौजूद लोगों ने चारों युवकों को पकड़ लिया। इन्होंने अपने नाम धर्मवीर चौहान उर्फ भीमा, सलीम उर्फ इस्माइल, जावेद एवं भीमा बताए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया।
विवेचना अधिकारी ने इस मामले में चारों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट त्रिलोकपाल सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने अभियुक्त धर्मवीर चौहान उर्फ भीमा की पृथक पत्रावली की सुनवाई की।
अभियुक्त धर्मवीर चौहान उर्फ भीमा ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आरोपित अपराध को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने उसे दो वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक (एससी-एसटी एक्ट ) दिनेशपाल सिंह ने की। संवाद