अन्य आठ मरीज सर्दी, जुकाम और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित मिले।टीम ने गांव में घूमकर सोर्स रिडक्शन के तहत लगभग 22 कूलर, चार फ्रिज की ट्रे और 86 अन्य बर्तनों में भरे पानी को खाली करवाया। ग्राम प्रधान के साथ मिलकर गांव में एंटीलार्वा दवा भी छिड़कवाई गई। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां से भी बुखार के रोगियों की सूचना मिले, वहां टीम भेजकर मलेरिया और डेंगू की जांच करते हुए उन्हें आवश्यक दवा देकर उपचारित किया जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की टीम ने ग्राम कुकरगवां में रविवार को शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच की। टीम ने कुल 22 मरीजों का उपचार किया और दवाएं बांटीं। इनमें से 14 मरीजों की मलेयिर और डेंगू की जांच के लिए नमूने लिए गए। अन्य आठ मरीज सर्दी, जुकाम और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित मिले।
टीम ने गांव में घूमकर सोर्स रिडक्शन के तहत लगभग 22 कूलर, चार फ्रिज की ट्रे और 86 अन्य बर्तनों में भरे पानी को खाली करवाया। ग्रामीणों को समझाया कि कूलर, फ्रिज की ट्रे या अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें और अपने आसपास जलभराव की समस्या का निस्तारण अपने स्तर से अथवा ग्राम प्रधान के माध्यम से करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। ग्राम प्रधान के साथ मिलकर गांव में एंटीलार्वा दवा भी छिड़कवाई गई। टीम में सदस्य डॉ. अवधेश कुमार, सुनील कुमार एमपीडब्लू, अखिलेश रावत, डीबीसी गौरव कुमार आदि शामिल थे।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि पहले से डेंगू प्रभावित और अन्य संवेदनशील ग्रामों में लगातार जिलास्तर से टीम भेजी जा रही हैं। अब तक 67 गांवों में सोर्स रिडक्शन की गतिविधि कराई जा चुकी है। मलेरिया नियंत्रण टीम ने इन गांवों में लगभग 1081 कूलरों, 264 फ्रिज और 2856 अन्य जलभराव वाले बर्तनों को खाली कराया जा चुका है।
जिले में अब तक कुल 2903 मरीजों की डेंगू जांच मैक इलाइजा से की जा चुकी है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां से भी बुखार के रोगियों की सूचना मिले, वहां टीम भेजकर मलेरिया और डेंगू की जांच करते हुए उन्हें आवश्यक दवा देकर उपचारित किया जाए। संवाद