हाथरस : गांव लढ़ौता में हत्याकांड के दृश्य का पुनर्सृजन करती टीम। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
क्षेत्र के गांव लढ़ौता में चार माह पूर्व एक किसान की गोली मारकर हत्या के मामले में लखनऊ की स्पेशल टीम ने बुधवार की शाम को घटनास्थल पर पहुंचकर अपराध के दृश्य का पुनर्सृजन (रीक्रिएशन) किया। देर रात तक टीम मौके पर डेरा जमाए रही। इस दौरान कोतवाली सासनी के प्रभारी सतेंद्र सिंह राघव और चंदपा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक गिरीशचंद्र गौतम के नेतृत्व में काफी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
लखनऊ से आई इस टीम में कीर्तिवर्धन सिंह ज्वाइंट डायरेक्टर स्टेट मेडिको लीगल एक्सपर्ट (स्पेशल सेल), विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के सदस्य भी थे। गौरतलब है कि चार माह पूर्व आठ मई को कोतवाली क्षेत्र के गांव लढ़ौता में चुनावी रंजिश में खेती का कार्य समाप्त कर घर लौट रहे किसान भूपेंद्र को गोली मार दी गई थी। किसान गंभीर रूप से घायल हो गया।
एंबुलेंस और प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह राघव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। घायल की गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस से सीएचसी भेज दिया गया। सीएचसी पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसान भूपेंद्र की मौत से परिजनों में कोहराम मचा गया। घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी रेनू की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी। पुलिस ने नामजद लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
इस मुकदमे की विवेचना तीन जुलाई को चंदपा कोतवाली में स्थानांतरित हुई थी। चंदपा के कोतवाली निरीक्षक गिरीशचंद्र गौतम इसकी विवेचना कर रहे हैं। उन्होंने मृतक पक्ष के दो लोगों को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए जेल भेज दिया। फिलहाल अभी तक इस मामले की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है। एसपी ने पत्र लिखकर इस अपराध केदृश्य को दोहराने का आग्रह किया। एफएसएल की टीम ने हाथरस की फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
मृतक की जगह एक व्यक्ति को लिटाकर उसी घटनाक्रम के दृश्य का दोबारा सृजन किया गया। घटनास्थल पर मृतक भूपेंद्र के परिजनों को भी बुला लिया गया। ग्रामीण भी पहुंच गए। टीम ने वहां मौजूद लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की। ज्वाइंट डायरेक्टर मेडिको लीगल कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि यह एक फायर आर्म इंजुरी का मामला था। लखनऊ से एक विशेष टीम को निरीक्षण करना था कि ये एक फायर आर्म इंजुरी है तो उसको समझने के लिए घटनास्थल पर पुर्नसृजन किया गया। संवाद