हाथरस : बिटिया प्रकरण की तारीख के चलते पुलिस सुरक्षा में जिला न्यायालय में जाते आरोपी। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में कड़ी सुरक्षा के बीच चारों अभियुक्तों की न्यायालय में पेशी हुई। बृहस्पतिवार को अभियुक्त पक्ष की ओर स्थगन प्रार्थना पत्र आ जाने की वजह से अभियुक्तों के बयान नहीं हो सके। अब इस मामले में 28 अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को थाना चंदपा क्षेत्र की अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ कुछ युवकों ने दरिंदगी की थी। युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस मामले की रिपोर्ट युवती के गांव के संदीप, रामू, रवि व लवकुश के विरुद्ध दर्ज कराई गई थी। युवती की मौत से पहले ही चारों आरोपियों की पुलिस ने गिरफ्तारी कर ली थी। यह चारों अभियुक्त तभी से अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं। घटना काफी सुर्खियों में रही थी। मृत युवती का मध्य रात्रि को अंतिम संस्कार किया गया था। इसे लेकर प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी।
मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने चारों अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में चल रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही पूरी हो चुकी है। बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच चारों अभियुक्तों को अलीगढ़ जेल से यहां कोर्ट लाया गया।
कोर्ट के बाहर भी पुलिस बल तैनात रहा। बृहस्पतिवार को अभियुक्त पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। इसकी वजह से बृहस्पतिवार को धारा 313 के तहत अभियुक्तों के बयान दर्ज नहीं हो सके। कोर्ट में सीबीआई के अधिवक्ता अनुराग मोदी, बिटिया पक्ष की ओर से महीपाल सिंह निमहोत्रा और अभियुक्त पक्ष की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर एडवोकेट मौजूद थे। संवाद