संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों की न्यायालय में पेशी हुई। इस मुकदमे की विवेचक व सीबीआई की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा पाहूजा की कोर्ट में गवाही हुई। सीमा पाहूजा की गवाही अभी पूरी नहीं हुई है। अब न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए 18 अगस्त की अगली तिथि नियत की है। न्यायालय परिसर में काफी पुलिस बल तैनात रहा।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को जिले के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ कुछ युवकों ने दुष्कर्म किया था और उसकी हत्या का प्रयास किया था। इस युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मामले को लेकर काफी हाय-तौबा हुई थी और योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी।
मामला काफी सुर्खियों में रहा था। पुलिस ने युवती की मौत से पहले ही इस मामले में चारों आरोपियों संदीप, रवि, रामू व लवकुश को गिरफ्तार कर लिया था। चारों अभियुक्त तब से लेकर अभी तक अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं। इस मामले की विवेचना सीबीआई ने की थी।
सीबीआई की तत्कालीन डीएसपी सीमा पाहूजा की अगुवाई में टीम ने विवेचना के बाद यहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) के न्यायालय में चारों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। बृहस्पतिवार को इस मामले में विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में सुनवाई हुई।
चारों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अलीगढ़ जेल से लाई और इनकी न्यायालय में पेशी हुई। वहीं मुकदमे की विवेचक व सीबीआई की चंडीगढ़ शाखा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा पाहूजा की गवाही भी हुई। अभियुक्तों के वकील ने विवेचक से जिरह भी की।
अभी सीमा पाहूजा की गवाही पूरी नहीं हुई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तिथि नियत की है। बहस के दौरान सीबीआई के वकील अनुराग मोदी, पीड़ित पक्ष के वकील महीपाल सिंह निमहोत्रा व अभियुक्तों की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर मौजूद थे। न्यायालय परिसर के बाहर पुलिस बल मौजूद था।