न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) ने एक किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव की निवासी एक महिला ने कोतवाली सिकंदराराऊ में यह मुकदमा दर्ज कराया कि कस्बा सिकंदराराऊ निवासी संतोष शर्मा ने उससे गुमराह कर पांच लाख रुपये यह कहकर ठग लिए कि वह उसकी पुत्रियों की सरकारी नौकरी लगवा देगा, लेकिन संतोष ने जब नौकरी नहीं लगवाई तो यह महिला उससे रुपये मांगने लगी। इस पर वह इस महिला को बेइज्जत करने लगा। बाद में उसने चार लाख 60 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार की और इसमें से दो लाख 40 हजार रुपये ही लौटाए। बाकी रुपये उसने दो माह बाद देने को कहा। दो माह बाद जब इस महिला ने रुपये मांगने के लिए चक्कर लगाए तो वह उससे रंजिश मानने लगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 अक्तूबर 2015 को जब इस महिला के घर पर आ गया। उस समय यह महिला खेत में चारा लेने गई थी और उसकी 16 साल की बेटी घर पर अकेली थी। वहां संतोष ने इस किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और शोर मचने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। इस मामले में पीड़ित किशोरी की मां ने कोतवाली सिकंदराराऊ थाने में तहरीर दी और फिर पुलिस अधीक्षक के यहां प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया।
न्यायालय के आदेश पर आरोपी संतोष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के उपरांत विवेचना की और इस मामले में आरोपी संतोष के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) जेबा मजीद के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने आरोपी संतोष को दोषी मानते हुए उसे दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी केके शर्मा ने पैरवी की। संवाद