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हाथरस : गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा पर किसानों को नहीं दिख रहा फायदा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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गेहूं का किसानों को आढ़तों पर ज्यादा मूल्य मिलता है और सरकारी क्रय केंद्र पर कम मूल्य मिलता है। इस कारण क्रय केंद्रों पर लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता। इस बार पिछले साल की अपेक्षा रेट बढ़ा दिए गए हैं। पिछले साल गेहूं का दाम 2015 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार शासन ने गेहूं खरीद के लिए 110 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाते हुए इसके दाम 2125 रुपये निर्धारित किए हैं। इसके बाद भी किसान इसे फायदे का सौदा नहीं बता रहे।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से गेहूं खरीद की सीधे निगरानी की जाती है। पिछले साल जिले के अधिकारियों को गेहूं खरीद का 54 हजार एमटी का लक्ष्य मिला था। अधिकारियों ने 67 क्रय केंद्रों की मदद से 467 एमटी ही गेहूं की खरीद की। इसका कारण यह रहा है कि गल्ला आढ़तों पर गेहूं का दाम अधिक रहा। इस कारण ज्यादातर किसानों ने गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों का रुख कम ही किया। अब फिर से नए लक्ष्य के साथ गेहूं खरीद की तैयारी शुरू हो गई हैं। संवाद
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110 रुपये क्विंटल बढ़े दाम से खरीद में आएगी तेजी
पिछले साल गल्ला आढ़तों पर गेहूं का दाम 24 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा था। मंडी समिति के क्रय केंद्र पर 2015 रुपये था। इस बार शासन स्तर से 2125 रुपये तय किया गया है। इसमें 110 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब देखना यह है कि इस बढ़ोतरी से क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ेगी या नहीं।
सरकारी क्रय केंद्र पर रेट कम होने के चलते गेहूं लेकर नहीं जाते हैं। केंद्र पर गेहूं बेचने के दौरान भुगतान बाद में खाते में आता है। गल्ला आढ़त पर गेहूं बेचने पर भुगतान हाथों हाथ हो जाता है। फसल का मूल्य भी सही मिलता है।
-उपेंद्र सिंह किसान
अब फसल में लागत बढ़ गई है। शासन लागत के हिसाब से मूल्य तय करे तो फायदा हो। केंद्र पर रेट कम होते हैं मंडी में आढ़तों पर रेट ज्यादा होता है, इसलिए हम गेहूं का आढ़त पर बेचते हैं। इस बार रेट बढ़ा हो तो अच्छी बात है।
-संदीप, किसान
सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद के लिए तमाम कागजी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सरल किया जाए। गेहूं का दाम हर साल लागत के हिसाब से तय किया जाए। तभी किसान को फायदा होगा।
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-अनिल कुमार, किसान
पिछले साल शासन स्तर से 2015 रुपये का रेट तय किया गया था। इस बार 110 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 2125 रुपये मूल्य तय किया गया है। फरवरी से केंद्र बनाने की प्रक्रिया की जाएगी। उसके बाद लक्ष्य आएगा। -शिशिर कुमार, डिप्टी आरएमओ
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