न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भीषण गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। बदलते मौसम की वजह से निजी और जिला अस्पताल में पेट दर्द, डायरिया और बुखार के मरीज अधिक संख्या पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें गर्मी से बचने व खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले कई दिनों से तेज गर्मी और तापमान बढ़ते ही उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज आने वाले मरीजों में करीब 20 फीसदी मरीज डायरिया व बुखार का इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां पर मरीजों के आने का हर दिन का आंकड़ा 1800 के पार पहुंच रहा है। निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीजों की भरमार है। डायरिया की चपेट में बच्चों के साथ ही युवा और बुजुर्ग लोग भी आ रहे हैं।
हर रोज गर्मी के तेवर बढ़ते जा रहे हैं। 40 डिग्री से अधिक तापमान रहने से लोग बीमार हो रहे हैं। धूप में काम करने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उल्टी-दस्त शुरू होने से लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। घरेलू उपचार कामयाब न होने के कारण लोग इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। संवाद
- पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा है। सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। दवा काउंटर पर लंबी कतारें लगी है, इसलिए यहीं पर बैठ कर भीड़ कम होने का इंतजार कर रहे हैं। - कमला, मरीज।
- पेट में काफी परेशानी है। गर्मी के कारण परेशानी और बढ़ रही है। खुजली की भी समस्या है। इसलिए यहां से दवा लेने आए हैं, लेकिन भीड़ होने से समय लग रहा है। - निरंजन लाल, मरीज।
डिहाइड्रेशन, बुखार के लक्षण
-- तेज सिरदर्द होना।
-- त्वचा सूखी होना।
-- ज्यादा देर तक पेशाब न आना।
-- पेशाब पीले रंग का आना, चक्कर आना, घबराहट महसूस होना।
-- मुंह सूखना, सुस्ती और थकान होना।
-- कमजोरी महसूस होना।
ऐसे करें बचाव
- धूप से बचाव के लिए सिर पर टोपी या कपड़ा रखें।
-- पानी और तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
-- मौसमी फल तरबूज, खरबूजा, ककड़ी आदि का सेवन करें।
-- काम करते समय पानी की बोतल साथ रखें।
-- दही और लस्सी का सेवन करें।
-- खुले में रखे कटे फल व जूस का प्रयोग न करें।
-- आरओ या उबला हुआ पानी ठंडा करके पिएं।
-- बासी भोजन का उपयोग न करें।
-- धूप में निकलते समय छाते का इस्तेमाल करें।
-- घर से बाहर निकलने पर शुद्ध पानी अधिक से अधिक पिएं।
-- ओआरएस व नींबू का पानी समय समय पर पीते रहें।
-- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
- इस मौसम में डायरिया, बुखार आदि के मरीज अधिक आ रहे हैं। बारिश न होना इसका बड़ा कारण है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों से हर मरीज को अच्छे से अच्छा उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। मरीज ठीक भी हो रहे हैं। - डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल