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हाथरस : बिजली कटौती दे रही उपभोक्ताओं को झटका

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शहर से देहात तक जर्जर लाइनों में फॉल्ट के चलते बिजली कटौती थमने का नाम नहीं ले रही है। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। इस कारण लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी लाइनों को बदलने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है।
पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय ने भले ही शहर और देहात के लिए विद्युत आपूर्ति का अलग-अलग रोस्टर तय कर रखा है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। शहर से देहात तक करीब 581 किलोमीटर लाइन जर्जर हालत में हैं। लाइनें जगह-जगह झूल रही हैं। इस कारण जरा सा लोड बढ़ने के साथ लाइनों में फॉल्ट हो जाते हैं। इस कारण काफी देर के लिए बिजली गुल हो रही है।
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बुधवार को शहर के ओढ़पुरा, गिजरौली, प्रगतिपुरम, कांशीराम टाउनशिप, कोटा रोड, नवीपुर आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए। देहात के सलेमपुर, सोखना, चंदपा, मुरसान आदि विद्युत उपकेंद्रों की लाइनों में ब्रेक डाउन हो गए। इस कारण लोगों को तीन से चार घंटे बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिना बिजली के किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। कारोबारियों को बिजली गुल होने के चलते आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। इस कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-करुआ ठाकुर
बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण जरा सा लोड पड़ने पर लाइनों में फॉल्ट हो जाते हैं। इस कारण हर रोज कई कई घंटे बिना बिजली के रहना पड़ता है। अधिकरी समस्या को दूर करने के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। -मंजूर अहमद
सरकार लोगों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने की बात कह रही है। दूसरी ओर हर रोज कभी दिन तो कभी रात में बिजली आंख मिचौली का खेल खेल रही है। इस कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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-मुवीन खान
बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। बिजली गुल होना आम बात हो गई है। कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस कारण उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-बलवीर सिंह वर्मा
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