जिला पंचायत के वार्ड संख्या 16 में राष्ट्रीय लोकदल ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। जाट बहुल इस निर्वाचन क्षेत्र में रालोद के साथ सादाबाद के विधायक प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। वहीं भाजपा ने भी इस सीट को अपनी झोली में डालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन रालोद के परंपरागत वोटरों ने रालोद का दामन नहीं छोड़ा और भाजपा को इस क्षेत्र में फिर हार का सामना करना पड़ा। बसपा समर्थित प्रत्याशी को इस चुनाव में काफी कम वोट मिले।
सादाबाद विधानसभा क्षेत्र जाट बहुल है और जिला पंचायत का वार्ड नंबर 16 भी इसी में आता है। इस वार्ड से पिछले पंचायत चुनाव में रालोद समर्थित प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी ने चुनाव जीता था। उसके बाद रालोद ने उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट दे दिया। गुड्डू ने इस सीट पर प्रदेश के कद्दावर नेता व भाजपा प्रत्याशी रामवीर उपाध्याय को करीब छह हजार वोटों से हराकर इस सीट को रालोद की झोली में डाल दिया था। विधायक बनने के बाद गुड्डू ने जिला पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था और इस सीट पर अब उपचुनाव हुआ था।
रालोद ने पार्टी के जिलाध्यक्ष केशवदेव चौधरी को समर्थन देकर मैदान में उतारा था तो भाजपा ने रूपेंद्र सिंह को समर्थन दिया था। सपा ने रालोद समर्थित प्रत्याशी का ही समर्थन किया था, जबकि बसपा ने हरिश्चंद्र को समर्थन दिया था। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा है और बोर्ड में उसी का बहुमत है। भाजपा के समर्थन से ही सीमा उपाध्याय जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं। इसके बाद भी भाजपा इस कोशिश में थी कि वार्ड नंबर 16 उसके खाते में चला जाए और जिला पंचायत में उसकी स्थिति और ज्यादा मजबूत हो जाए। पार्टी आलाकमान ने चुनाव को लेकर पूरी रणनीति अपने हाथ में ले रखी थी।
सांसद, विधायकों की ड्यूटी चुनाव प्रचार में लगाई थी। जाट बहुल क्षेत्र में इस चुनाव को जीतकर भाजपा रालोद के गढ़ में सेंध लगाना चाहती थी, लेकिन इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली। रालोद आखिरकार अपनी सीट बचाने में कामयाब रहा और भाजपा समर्थित प्रत्याशी को यहां से हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर बसपा ने भी हरिश्चंद्र को समर्थन दिया था और उन्हें महज 690 वोट ही मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे।
नेताओं के तर्क
इस चुनाव में रालोद समर्थित प्रत्याशी की जीत ने फिर साबित कर दिया है कि जनता हमारे साथ है। यह जीत जनता की जीत है। भाजपा के अपने कई विधायकों, सांसदों व अन्य बड़े नेताओं को इस चुनाव में लगा रखा था। भाजपा येन-केन प्रकारेण इस सीट को जीतना चाहती थी, लेकिन जनता ने भाजपा को नकार दिया। जनता भाजपा की सरकारों की नीतियों से दुखी है।
-प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू, विधायक सादाबाद
पार्टी समर्थित उम्मीदवार इस सीट पर दमदारी से लड़े और कड़ी टक्कर दी। पार्टी आखिर क्यों चुनाव हारी, इसका कारण जानने के लिए समीक्षा की जाएगी।
-गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा