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हाथरस : विनोद, रामेश्वर, चिराग सहित पांचों के गैरजमानती वारंट वापस

सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस जानलेवा हमले और जातिसूचक गालियां देने के एक मामले में स्थानीय न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, रामवीर के बेटे चिरागवीर उपाध्याय सहित पांच लोग विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में हाजिर हुए और कोर्ट ने इन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र पर रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें पुलिस ने अंतिम आख्या लगा दी थी।इस मामले में पुलिस की अंतिम आख्या के विरुद्ध प्रोटेस्ट पिटीशन दायर किया गया था।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जानलेवा हमले और जातिसूचक गालियां देने के एक मामले में स्थानीय न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, रामवीर के बेटे चिरागवीर उपाध्याय सहित पांच लोग विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में हाजिर हुए और कोर्ट ने इन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र पर रिहा कर दिया। साथ ही गैरजमानती वारंट वापस करने के भी आदेश कोर्ट ने आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें कहा गया था कि चंदपा क्षेत्र के गांव पट्टी बिसाना निवासी रिंकू और उसके पिता जितेंद्र आठ फरवरी 2017 को प्रचार वाहन से समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार करने के लिए रिश्तेदारियों में जा रहे थे।
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इस वाहन में अन्य लोग भी सवार थे। जैसे ही प्रचार वाहन सहपऊ क्षेत्र में मानिकपुर रेलवे पुल के निकट दोपहर 11.30 बजे पहुंचा तो वहां पहले से अलग-अलग वाहनों में सवार घात लगाए बैठे अभियुक्तों ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। रिंकू को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी और वीरेंद्र को जातिसूचक गालियां देते हुए मारा पीटा।
इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व मंत्री रामवीर के बेटे चिरागवीर उपाध्याय के अलावा शशिकांत शर्मा व चिंटू गौतम निवासी नौगंवा हाल निवासी बालाजी नगर सादाबाद व 40-50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। कोर्ट के आदेश पर थाना सहपऊ में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस ने अंतिम आख्या लगा दी थी।इस मामले में पुलिस की अंतिम आख्या के विरुद्ध प्रोटेस्ट पिटीशन दायर किया गया था। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पुलिस की अंतिम आख्या को निरस्त कर प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार कर लिया था।
तदुपरांत कोर्ट ने इस मामले में शशिकांत शर्मा, चिंटू गौतम, विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, चिरागवीर उपाध्याय को धारा 147, 148,149, 323, 307, 504 आईपीसी व 3 (2) (5) एससी-एसटी एक्ट के तहत तलब किया था। अभियुक्तों के कोर्ट में हाजिर न होने पर विेशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) ने इन पांचों के खिलाफ गैरजमानती वांरट भी जारी किए थे। इस मामले में विनोद उपाध्याय व अन्य आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद में अपील की गई थी।
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तब हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया था कि विनोद सहित पांचों लोग 30 सितंबर तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष हाजिर होते हैं तो इन्हें गिरफ्तार न किया जाए और बांड लेकर जमानत कर रिहा कर दिया जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, चिराग, शशिकांत व चिंटू गौतम हाजिर हुए। कोर्ट ने इन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष यज्ञदत्त गौतम व दिगंबर सिंह सिसौदिया ने इनकी ओर से यहां कोर्ट में पैरवी की। संवाद
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