न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सरकारी चावल की कालाबाजारी के मामले में डीएम के निर्देश पर आपूर्ति विभाग द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई है छापेमारी के दौरान पकड़े गए सरकारी चावल के मामले में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। चार लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी वीएस वर्मा ने बताया है कि 25 दिसंबर की रात करीब 8:30 बजे डीएम द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में एसडीएम, जिला पूर्ति अधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में हाथरस रोड स्थित सलेमपुर बंबा रोड स्थित टीकाराम महाविद्यालय परिसर से चावल से लदा कैंटर पकड़ा गया था। चावल प्लास्टिक के बोरों में भरा हुआ था और मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला। अगले दिन 26 दिसंबर को सुबह तहसीलदार की उपस्थिति में उक्त परिसर का निरीक्षण किया गया। परिसर में उमेश कुमार पुत्र मोहन सिंह निवासी टीकम नगर उपस्थित मिला।
उमेश के द्वारा बताया गया, वह प्रबंधक का पुत्र है। परिसर की कुछ जगह राजू पुत्र जयप्रकाश गुप्ता निवासी एसडीम कोर्ट को 26 नवंबर 2022 से 25 अक्टूबर 2023 तक गेहूं व चावल के क्रय विक्रय हेतु किराए पर दी गई है। पकड़ा गया चावल राजू गुप्ता का है। मंडी सचिव ने बताया कि राजू गुप्ता के नाम मंडी समिति में कोई फार्म पंजीकृत नहीं है।
जानकारी मिली है कि राजू गुप्ता ही एक अन्य व्यक्ति के साथ चावल का व्यापार करता है। कैंटर में चावल के 211 बुरे लदे हुए थे, जिनका वजन 18530 किलो ग्राम है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चावल सरकारी मालूम होता है। इस मामले में राजू पुत्र जयप्रकाश निवासी एसडीएम कोर्ट सादाबाद, उमेश कुमार पुत्र मोहन सिंह निवासी टीकम नगर, कैंटर संख्या यूपी 81 डीटी 4210 के मालिक के अलावा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद