न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सासनी के गांव धमरपुरा में मारपीट के मामले में उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए घायल को उसके परिवार के लोग स्ट्रेचर पर सीएमओ दफ्तर लेकर पहुंच गए। वहां से उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। यहां उसका एक्सरे नहीं हुआ तो एंबुलेंस से परिवार के लोग घायल लेकर सीएमओ दफ्तर पहुंच गए। वहां उसे स्ट्रेचर पर सीएमओ दफ्तर परिसर में लिटा दिया गया। एसीएमओ के आश्वासन के बाद वह जिला अस्पताल लौट कर आए।
कोतवाली सासनी के गांव धमरपुरा में 13 नवबंर की शाम को करीब साढ़े छह बजे एक पक्ष ने हमला बोलकर दूसरे पक्ष के निशांत पुत्र ज्ञान सिंह, बबलू पुत्र उमेशचंद्र और दाताराम पुत्र ज्ञान सिंह को घायल कर दिया। मारपीट में निशांत ज्यादा घायल को गया। उसे सीएचसी सासनी से जिला अस्पताल लेकर कर दिया गया, लेकिन एक्सरे न तो सीएचसी पर किया और न न हीं रेफर पर्ची पर एक्सरे एडवाइज किया गया, जबकि उसके पैर में फ्रेक्चर था। तीन दिन बीतने पर परिवार के लोगों का पारा चढ़ गया और वह निशांत को लेकर सीएमओ दफ्तर पहुंच गए।
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए। यहां एसीएमओ नरेश कुमार ने पूरे मामले की जानकारी ली और फिर सीएमएस से बात की। इसके बाद परिवार के लोग घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सीएचसी सासनी से पर्ची आने के बाद एक्सरे किया गया। अब घायल का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश ने बताया कि इस मामले में सीएचसी से आई रेफर स्लिप पर एक्सरे एडवाइज नहीं किया गया था, जबकि उसके पैर में फैक्चर था। फिलहाल अब स्लिप मंगवाकर एक्सरे करा दिया गया है। युवक का उपचार जारी है। संवाद