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हाथरस : चावल मिल प्रकरण में राशन माफिया पर गिर सकती है गाज

सार

टीम को आशंका है कि कई राशन डीलर भी इस खेल में शामिल हो सकते हैं। वहीं आपूर्ति विभाग ने पूरे प्रकरण में मिल संचालक के खिलाफ राशन के चावल की कालाबाजारी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। यहां तक कि जांच कमेटी ने सभी विभागों से इस संबंध में रिपोर्ट लेनी शुरू कर दी है, ताकि माफिया तक पहुंचा जा सके।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)॥
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तहसील सासनी क्षेत्र के अष्टलक्ष्मी एग्रोटेक प्रावइेट लिमिटेड चावल मिल से 24 हजार बोरे चावल की बरामदगी के मामले की जांच तेजी पकड़ रही है। अब प्रशासन का जोर इस मामले में राशन माफिया को चिन्हित करने पर है। टीम को आशंका है कि कई राशन डीलर भी इस खेल में शामिल हो सकते हैं। जांच की आंच से बचने के लिए सभी राशन डीलर अपने स्टॉक को पूरा करने में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी द्वारा विभिन्न बिंदुओं और विभागों से रिपोर्ट लेना शुरू कर दिया है, जिससे राशन माफिया तक पहुंचा जा सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सासनी की इस चावल मिल में 24 हजार बोरे चावल बरामद किया गया था। इस चावल को सरकारी राशन का चावल बताया जा रहा है। इस आधार पर प्रशासन की टीम ने इस मिल को सील कर दिया था। वहीं आपूर्ति विभाग ने पूरे प्रकरण में मिल संचालक के खिलाफ राशन के चावल की कालाबाजारी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में राशन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए डीएम रमेश रंजन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
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डीएम ने इस कमेटी में एडीएम राजस्व व वित्त बसंत अग्रवाल, एसडीएम सासनी अंजली गंगवार व डीएसओ ध्रुवराज यादव को नामित किया है। कमेटी गठित होने के साथ ही मिल में बोरों की आवक की जांच की जा रही है। इसकी जांच शुरू होते ही राशन माफिया में खलबली मच गई है। कई राशन डीलरों ने अपने स्टॉक को पूरा करना शुरू कर दिया है। यहां तक कि जांच कमेटी ने सभी विभागों से इस संबंध में रिपोर्ट लेनी शुरू कर दी है, ताकि माफिया तक पहुंचा जा सके। वहीं मिल संचालक भी अपने बचाव बिलों को प्रस्तुत करने का हवाला देने में लगे हैं।
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