इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने की आयु में भी दी जाती है।जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह ने कहा कि पल्स पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है। इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका। इसलिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने शिशुओं को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुगढ़ी पर पोलियो ड्राप पिलाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि पोलियो का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल है। पल्स पोलियो का ड्रॉप जन्म के समय ही दिया जाता है। इसके अलावा छह, दस और चौदह सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाया जाता है। इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने की आयु में भी दी जाती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह ने कहा कि पल्स पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है। इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका। इसलिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने शिशुओं को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।
उन्होंने बताया कि 19 से 23 सितंबर तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की दवा पिलाएंगी। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार, डॉ मुकेश कुमार, डॉ राज नारायण सिंह, डॉ इंतखाब आलम, एसएमओ डॉ प्रीति रावत, डीपीएम बलवीर सिंह वर्मा, वीसीसीएम दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद