न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस) तहसील के कर्मचारियों द्वारा घूस मांगने और नगला सलेम बिना सहमति चौकी बनाने सहित अन्य शिकायतों पर विधायक गुड्डू चौधरी का पारा चढ़ गया। सतीश को पिछड़ी जाति निषाद का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जबकि उसकी जाति केवट मल्लाह है। दोनों शिकायतों के संबंध में विधायक प्रतिनिधि विजेंद्र सिंह तहसील पहुंचे और संबंधित कर्मचारियों से समस्याओं के निस्तारण के संबंध में बात की।
तहसील के कर्मचारियों द्वारा घूस मांगने और नगला सलेम बिना सहमति चौकी बनाने सहित अन्य शिकायतों पर विधायक गुड्डू चौधरी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तहसील पहुंचकर कर्मचारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। तहसील में काफी देर तक हंगामा रहा। विधायक ने एसडीएम से काफी देर तक बात की। एसडीएम द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद विधायक और उनके समर्थक शांत हुए।
क्षेत्र के गांव खोंडा निवासी सतीश कश्यप पुत्र हाकिम सिंह ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। सतीश को पिछड़ी जाति निषाद का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जबकि उसकी जाति केवट मल्लाह है। उसने दोबारा आवेदन किया। दोबारा में उसे केवट मल्लाह जाति का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। सतीश ने पुराने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की मांग की। मंगलवार को तहसीलदार को शिकायत भी दी गई। सतीश का आरोप है कि गलत जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए उससे 2000 रुपये की मांग की गई।
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वहीं, गांव नगला सलेम के किसान ने बताया कि उसकी कृषि भूमि पर बिना किसी सहमति के पुलिस चौकी का निर्माण किया जा रहा है। इसे रोकने की भी मांग की गई लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। दोनों शिकायतों के संबंध में विधायक प्रतिनिधि विजेंद्र सिंह तहसील पहुंचे और संबंधित कर्मचारियों से समस्याओं के निस्तारण के संबंध में बात की। इस पर तहसील कर्मचारी व लेखपाल नेा विधायक प्रतिनिधि के साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया।
सूचना पर विधायक गुड्डू चौधरी, जिला पंचायत सदस्य सुआ पहलवान समर्थकों सहित तहसील पहुंच गए। विधायक के पहुंचने के बाद मामला गरमा गया। विधायक ने काम के लिए सुविधा शुल्क मांगने, अनावश्यक रूप से लोगों को परेशान करने जैसे तमाम तरह के आरोप लगाते हुए तहसील कर्मचारियों पर खूब बरसे। काफी देर तक हंगामा हुआ और मामला एसडीएम तक पहुंचा।
एसडीएम शिव सिंह ने तत्काल नगला सलेम में चल रहे चौकी निर्माण कार्य को रुकवा दिया। जाति प्रमाण पत्र से संबंधित मामले में जांच के बाद लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक गुड्डू चौधरी का कहना है कि तहसील में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसकी शिकायत लगातार उन्हें मिलती रहती हैं। तहसील में भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों को रहने नहीं दिया जाएगा। संवाद