न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आशा कार्यकर्ता व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) के चालक के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद हुए बवाल की जांच में पुलिस जुटी है। रविवार को पुलिस ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचकर मारपीट में घायल हुई आशा कार्यकर्ता को दिए गए उपचार की जानकारी ली। इस मामले की विभागीय जांच सीएमओ द्वारा गठित कमेटी भी कर रही है। इधर, पुलिस उपद्रवियों की तलाश में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को जिला अस्पताल में एक आशा कार्यकर्ता और एसीएमओ के चालक के बीच मारपीट हो गई थी। इस मामले में आशा कार्यकर्ता दुर्गेश ने एसीएमओ के चालक हाकिम सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अगले दिन बृहस्पतिवार को जिले भर की आशा कार्यकर्ता बागला जिला अस्पताल पर एकत्रित हो गई थी।
इसके बाद कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने चालक हाकिम सिंह की चप्पलों से धुनाई की थी। इनके साथ राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैय्या व अन्य लोग भी आ गए थे। घंटों जिला अस्पताल से लेकर कोतवाली हाथरस गेट के बाहर तक हंगामा हुआ था। सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों से मारपीट व अभद्रता की गई थी। जाम भी लगाया गया था।
पुलिस ने पंकज धवरैय्या सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया। मारपीट के आरोपी चालक हाकिम सिंह को भी जेल भेजा गया था। सीएमओ मंजीत सिंह ने पंकज धवरैय्या व 150 अज्ञात आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया था। एक अन्य मुकदमा भी इस मामले में दर्ज कराया गया था।
पुलिस इस उत्पात में शामिल आशा कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों की फोटो व वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान करे में जुटी है। रविवार को कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचकर सात दिसंबर की दोपहर को मारपीट में घायल हुई दुर्गेश के उपचार के बारे में जानकारी ली। कोतवाली हाथरस गेट प्रभारी इंस्पेक्टर गौरव सक्सेना ने बताया कि इस मामले में कई पहलुओं पर जांच चल रही है। सात दिसंबर व फिर आठ दिसंबर को किए गए उपद्रव में कौन-कौन शामिल हैं, इसकी छानबीन भी की जा रही है। संवाद