न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज कभी रात में तो कभी दिन में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के लोगों की नींद में खलल पड़ रहा है। शुक्रवार की रात और शनिवार की दोपहर भी शहर से देहात तक तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। इससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।
उल्लेखनीय है कि शहर, देहात कस्बा में बिजली की लाइनें जर्जर हालत में है। इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली सिस्टम पर लोड बढ़ रहा है। लोड बढ़ने के कारण कभी दिन में कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। शुक्रवार की रात को लाइन में फॉल्ट के चलते गौतम बिहार, मुरसान गेट सहित कई इलाकों में बिजली गुल रही।
वहीं, शनिवार को ओढ़पुरा, गिजरौली, नवीपुर, कांशीराम टाउनशिप, प्रगतिपुरम आदि बिजलीघरों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट हो गए। देहात के चंदपा, उघई, सलेमपुर, नगला रति, सलेमपुर, वाहनपुर आदि सबस्टेशनों की लाइनों में ब्रेक डाउन हो गए। इस कारण लोगों को कई घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा। बिना बिजली के लोग जरूरी कामकाज नहीं कर सके। किसान खेतों में पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले में अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह का कहना है कि बारिश के चलते लाइनों में फॉल्ट आदि हो रहे हैं। अधीनस्थों को फॉल्ट दूर कर जल्द से जल्द समस्या दूर करने के निर्देश हैं। संवाद
- बिजली संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज घंटों बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिजली विभाग को आपूर्ति सुचारू पर ध्यान देना चाहिए। - रविकांत
- जरा सी आंधी बारिश में बिजली की लाइनें जवाब दे रही है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। सबसे बड़ी वजह पर्याप्त बिजली न मिलने की वजह जर्जर लाइनें है। इनको बदलवाना चाहिए। - मयंक वार्ष्णेय
- एक तरफ सरकार बेहतर बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है। वहीं दूसरी ओर हर रोज बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के काफी मुश्किलें हो रही है। - निखिल वार्ष्णेय
- बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। हर रोज पांच से छह घंटे बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण खेतों की सिंचाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। - सुखवीर सिंह।