न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बारिश के चलते मंडी समिति हाथरस में धान की आवक कम हो गई है। जो धान आढ़तियों ने खरीदें है अब उसे बारिश से बचाने की चिंता सताने लगी है। मंडी में कार्य करने वाले पल्लेदार हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे। सुबह से शाम तक मंडी परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस मंडी में हर रोज हजारों क्विंटल धान आ रहा है। इस बार धान का दाम भी अच्छा है। बेमौसम हो रही बारिश के कारण किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई है। शनिवार की सुबह से शुरू हुई बारिश ने आढ़तियों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी है। मंडी परिसर में बड़े पैमाने पर धान खुले में पड़ा हुआ है।
आढ़तियां धान को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल व टिनशेड का सहारा ले रहे हैं। आढ़तियों को यह डर सता रहा है यदि धान भींग गया तो उसको मिलों तक भेजने में काफी मुश्किल होगी। आढ़तियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी है। संवाद
- बारिश के चलते धान को बचाना मुश्किल हो रहा है। बारिश का सिलसिला यदि जारी रहा तो नुकसान भी हो सकता है। खेत में खड़ी धान की फसल भी देरी से आएगी। भीगा हुआ धान आएगा। इस कारण किसानों को दर कम मिलेगा। - शिवकुमार, आढ़ती
- बेमौसम हो रही बारिश से धान को बचाना मुश्किल हो रहा है। बारिश के चलते माल लोड नहीं हो पा रहा है। इस कारण खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। धान की आवक इस बार सही है। किसान भी बारिश के चलते काफी परेशान हैं। - अशोक कुमार, आढ़ती।
- आज सुबह से बारिश हो रही है। बारिश के चलते माल ढोने का काम प्रभावित हो रहा है। अब दिवाली से पहले बारिश के चलते रोजीरोटी चलाने में भी काफी परेशानी आ रही है। यदि कुछ दिन यही हाल रहा तो काफी दुश्वारियां बढ़ जाएगी। - मुरारी लाल, पल्लेदार।