न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में एक बीमा कंपनी को बीमा पॉलिसी में नामिनी को धनराशि के साथ-साथ मानसिक संताप और वाद व्यय भी देने के आदेश दिए हैं।
संजय शर्मा निवासी गिजरौली तहसील हाथरस ने मुख्य प्रबंधक रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व इसी कपनी के हाथरस शाखा प्रबंधक के विरुद्ध जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया। इसमें उसने कहा कि उसने अपनी माताजी के नाम से एक बीमा पॉलिसी कराई। इसके बाद उसकी माताजी शशी शर्मा की मृत्यु हो गई। इसकी सूचना उसने मय बीमा दावा के विपक्षी संख्या एक के कार्यालय में दी गई। यह दावा बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए निरस्त कर दिया गया। संजय शर्मा का कहना था कि वह इस पॉलिसी में नामिनी है। उसने आयोग में यह परिवाद बीमा धनराशि मय 24 प्रतिशत ब्याज, मानसिक संताप और वाद व्यय प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत किया।
इस मामले में विपक्षियों की ओर से भी आयोग के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए गए। आयोग ने परिवाद स्वीकार कर लिया। इस मामले में विपक्षीगणों को निर्देशित किया है कि वह इस आदेश के एक माह के अंदर बीमा पालिसी में नामिनी होने के कारण परिवादी को 3,38,765 रुपये अदा करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा मानसिक संताप के रूप में पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये भी परिवादी को अदा करेंगे।
आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि समयावधि में अदायगी न होने पर परिवादी इस निर्णय के दिनांक से संपूर्ण धनराशि की वास्तविकता अदायगी के दिनांक तक सात प्रतिशत की साधारण ब्याज की दर से ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी होगा। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार (चतुर्थ), सामान्य सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय, महिला सदस्य रंजना गोयल ने दिया है। इस परिवाद की पैरवी पंकज राय एडवोकेट ने की। संवाद